You are here

हिन्दू धर्म को ठोकर मारकर ,बुद्ध धर्म अपनाएगे सैकड़ो दलित परिवार

अहमदाबाद.केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सत्ता सँभालते ही मानो दलितों पर कहर टूट पड़ा ,देश के अधिकांश हिस्सों में दलित समाज के लोग सवर्णों के शिकार होने लगे ,लोग कहने लगे कि ” राम राज्य का सवर्ण राज ” आ गया है.अहमदाबाद में दलित समुदाय के एक युवक की दो सप्ताह पहले न्यायिक अभिरक्षा में मौत होने के मामले में पुलिस पर निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए अमरेली जिले के 200 दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी है.

इसे भी पढ़ेमकान पर कब्ज़ा करवाने पंहुचा BJP विधायक,लहराए गए असलहे

सनद रहे अमरेली उप-कारागार में बंद जिग्नेश सौंदरवा की 15 जून को सदर अस्पताल में मौत हो गयी थी हालांकि अमरेली पुलिस ने जिग्नेश सौंदरवा की हत्या के आरोप में उप-कारागार के चार कैदियों को कल हिरासत में लिया, लेकिन दलित समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ पीड़ित के परिजनों ने जांच को लेकर नाराजगी जाहिर की और धर्म परिवर्तन के लिए फार्म लेने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गये.



स्थानीय पुलिस के अनुसार अमरेली उप-कारागार में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आने पर सौंदरवा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसे राजुला तहसील के डुंगर गांव से गुजरात निषेध कानून के तहत गिरफ्तार कर 12 जून को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. सौंदरवा के परिवार ने पहले शव लेने से इनकार करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की थी.

इसे भी पढ़ेयोगी भेष में छिपा भूमाफिया गुंडा ठाकुर सत्‍य नारायण सिंह उर्फ़ योगी सत्यम ,गंगा की गोद को किया कब्ज़ा

निष्पक्ष जाच की मांग सम्बन्धी प्रदर्शन के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था जिसके बाद परजनो ने शव ले लिया था. पुलिस ने इस सिलसिले में कल जेल में बंद चार लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने आपसी झगड़े के दौरान सौंदरवा को कथित रूप से गंभीर चोट पहुंचाई थी, लेकिन युवक के परिजनों और स्थानीय दलित नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि उसकी मौत पुलिस की पिटाई के कारण हुई है. दलित नेता नवचेतन परमार ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि जेल भेजे जाने से पहले सौंदरवा को तीन-चार दिन तक पीटा गया था.



इसका मतलब है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसे प्रताड़ित किया गया. न्यायिक हिरासत के दौरान संभवत: जेल में भी उसकी पिटाई की गयी होगी. उनका कहना है कि ‘‘हमारी मांग है कि मामले की जांच सीबीआई करे, हमें पुलिस पर विश्वास नहीं है’’ इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परमार का कहना है, ‘‘सरकार को कड़ा संदेश देने के लिये, डुंगर और आसपास के क्षेत्रों के करीब 200 दलितों ने सनातन धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है. इनमें से कई लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय से फॉर्म भी ले लिया है. हम आने वाले दिनों में यह फॉर्म जमा करेंगे.

फिरहाल भाजपा के सरकार में सबका साथ -सबका विकाश का नारा खोखला हो चला है ,पिछडो ,दलितों और अल्पसंख्यको का जबर्दस्त उत्पीड़न किसी से छिपा नहीं है .

(खबर कैसी लगी बताएं जरूर. आप हमें फेसबुक, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो भी कर सकते हैं.)




loading…


इसे भी पढ़े -

One Thought to “हिन्दू धर्म को ठोकर मारकर ,बुद्ध धर्म अपनाएगे सैकड़ो दलित परिवार”

Comments are closed.