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दिल्ली के पूर्ण राज्य के दर्जे के खिलाफ मनोज तिवारी,नीतीश –मोदी के एक होने कि की वकालत





नईदिल्ली.दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की लगातार भाजपा समेत अन्य राजनैतिक दल वकालत कर रहे थे. सन 1999 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा भी भाजपा द्वरा किया गया था किन्तु भारतीय जनता पार्टी की लंबे समय की मांग पर यू-टर्न लेते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं देना चाहिए.भोजपुरी फिल्मों से राजनीति में आए मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पूरी करना देश के संघीय ढांचे के लिए खतरा साबित हो सकता है.

एक चैनल ईटीवी को दिए एक साक्षात्कार में तिवारी ने कहाजिस तरह सभी राज्यों की राजधानी होती है ठीक उसी प्रकार देश की राजधानी दिल्ली है.इसे अलग राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता हालाँकि पूर्वाचल को एक अलग राज्य बना देने की वकालत करते हुए कहा कि छोटे राज्य ज्यादा तेजी से तरक्की करते हैं.
मनोज तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुद्दे पर कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाना चाहिए,नोटबंदी का समर्थन कर नीतीश कुमार ने साबित कर दिया है कि वह भी भाजपा की तरह ही लोक कल्याण के बारे में सोचते हैं.जनता नीतीश कुमार तथा नरेंद्र मोदी को साथ देखना चाहती है .अतीत के मतभेदों को भुलाकर उन्हें एक बार फिर भाजपा के साथ हाथ मिलाना चाहिए.

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