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उन्नाव: राजकीय बीज भण्डार ने किसानों के साथ की ठगी

बीघापुर,उन्नाव। राजकीय कृशि बीज भण्डार बीघापुर से किसानों द्वारा खरीदे गए उड़द के बीज में 80 दिन बीत जाने के बाद भी फूल और फली नहीं आयीं जिस पर किसानों ने उपकृशि निदेषक से षिकायत की है। जानकारी के आनुसार ग्राम सभा अलीपुर के मजरा हलबलखेड़ा के किसान षिव प्रताप सिंह ने पीयू 31 उड़द बीज लेकर 4 बीघे में बुआई की थी।जिसमें पौधे तो अच्छे उगे पर 80 दिन बीत जाने के बाद जो फूल व फली आने की अधिकतम समय सीमा है, लेकिन पौधों में उसके बाद भी फूल व फली अभी तक नहीं आई।

किसान की शिकायत पर यूपी बीच निगम के अधिकारियों ने किसान के खेत जाकर फसल व बीज के पैकेटों का निरीक्षण किया तो उन्होंने कहा यह बीज हमारे विभाग से नहीं भेजा गया है।जब कि बीच के पैकेट पर हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमि0 गवर्नमेन्ट आफ इण्डिया इण्टरप्राइजेज लिखा हुआ है। अब ऐसे में इतने प्रमाणित बीज होने के बाद भी किसानों के साथ धोखा कैसे और किसने किया यह बड़ा सवाल है।वहीं कृशि बीज भण्डार प्रभारी राजेष कुमार का कहना है कि बीजों की गुणवत्ता के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं दे सकता,जो बीज मुझे ऊपर से मिला वहीं वितरति किया गया है। इस पीयू 31 वैराइटी का 9 कुन्तल 36 किलो उड़द बीज मिला था केन्द्र को जो लगभग 225 किसानों को बेचा गया था।जिसमें कुछ किसनों के यहां बीज नहीं फला।एक ही वैराइटी के बीज में पैकेटों के अन्दर दो तरह के बीज निकले हैं।यह गड़बड़ी कहां से है यह अधिकारी ही बता सकते हैं।




वहीं सूत्र बताते हैं कि प्राइवेट बीज भण्डरों में जो बीज खराब हो जाता है नहीं बिक पाता है विभागीय साठगांठ करके उसे सराकारी बीज भण्डारों में अदलाबदली की गई है। वहीं जब जिला कृशि अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच करा कर किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।

रिपोर्ट: डॉ.मान सिंह
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