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सपा में शह-मात का खेल जारी,शिवपाल ने भी कहा अखिलेश होगे सीएम् कंडीडेट

जब से समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने यह ऐलान किया की पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पार्टी तय करेगी या फिर बहुमत पाने के बाद जीते हुए विधायक अपना नेता चुन लेंगे, तब से अखिलेश यादव के समर्थकों में खलबली मच गई है. इससे पहले समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव को ही दोबारा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रखा था. अखिलेश यादव के करीबी नेता आवाज उठा रहे हैं कि उन्हें ही फिर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए.
रविवार को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और पार्टी के प्रवक्ताओं में से एक राजेन्द्र चौधरी ने बाकायदा एक प्रेस रिलीज जारी करके मुख्यमंत्री की शान में कसीदे पढ़े. राजेंद्र चौधरी उन नेताओं में से हैं जो अखिलेश यादव के करीब हैं और जिन्हें शिवपाल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद किनारे लगा दिया गया. प्रेस रिलीज में कहा गया है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, आज की राजनीति में उनके जैसा बेदाग, निर्मल छवि और संवेदनशील व्यक्तित्व का सर्वथा अभाव दिखता है.

राजनीति को उन्होंने सेवा के माध्यम के रूप में स्वीकार किया है और वे बेजुबानों तथा कमजोरों को भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने देने के लिए संघर्षरत है, इसलिए जनता का उनके प्रति बेमिसाल भरोसा है, वे जहां जाते हैं. उनको देखने-सुनने वालों की कल्पनातीत भीड़ जमा हो जाती है. हजारों की संख्या में लोग स्वतः उनके स्वागत में उमड़ पड़ते हैं. इनमें किसान, नौजवान, अल्पसंख्यक और महिलांए सभी शामिल होते हैं. आकाश तक उनके जिंदाबाद की गूंज होती है. घरों की छतों पर और यहां तक की पेड़ों पर चढ़कर भी लोग उनकी एक झलक पाने को व्याकुल रहते हैं.

मुलायम सिंह यादव की घोषणा के बाद राजेंद्र चौधरी की तरफ से जारी की गई यह प्रेस रिलीज चर्चा का विषय है क्योंकि पिछले काफी दिनों से राजेंद्र चौधरी खामोश थे और पार्टी के मामलों में नहीं बोल रहे थे. राजेंद्र चौधरी को अक्सर अखिलेश यादव के साथ ही देखा जाता है. शिवपाल और अखिलेश के खेमे में जबरदस्त गुटबाजी के बीच राजेंद्र चौधरी का यह बयान साफ दिखाता है कि अखिलेश के समर्थक अब मुलायम सिंह यादव पर उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए दबाव बनाना चाहते हैं.राजेंद्र चौधरी की तरफ से जारी किए गए बयान में आगे कहा गया है कि विपक्षी दल चाहें जो आरोप लगाएं, जनता सब समझती है. जनहित में जितनी योजनांए मुख्यमंत्री ने लागू की है उतनी किसी राज्य की सरकार में नहीं की. केन्द्र सरकार तो उत्तर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार ही करती आई है. उन्होंने कहा, ‘जनता जाति और संप्रदाय की राजनीति से ऊब चुकी है. विकास की गारंटी अखिलेश यादव ही हो सकते हैं. उन्होंने अब तक कहीं अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया है’.

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