उन्नाव : फर्जी आंकड़ों के खेल से पिछड़ा वर्ग की राजनैतिक भागीदारी समाप्त करने की साज़िश

?? चुन-चुन कर हटाए गए सूची से अधिकतर पिछड़ा वर्ग के मत
?? अध्यक्ष ने लगाया आरोप,मांग की दोषियों के खिलाफ हो कार्यवाही

बीघापुर,उन्नाव। निकाय चुनाव को लेकर नगर पंचायत बीघापुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों तथा कस्बे के कुछ तथाकथित स्वयंभू नेताओं की मिली भगत के चलते बड़े पैमाने पर आधी से अधिक आरक्षित वर्ग की आबादी को मतदान से वंचित रखने के षड़यंत्र का खुलासा हुआ है।जिसकी शिकायत नगर पंचायत अध्यक्ष उमानाथ धोबी ने जिला निर्वाचन अधिकारी से की है।तो वहीं अन्य कस्बावासियों ने भी जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री, राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं राज्यपाल को शिकायती पत्र भेजे हैं।



बताते चलें कि अभी फरवरी माह में सम्पन्न हुए विधान सभा चुनाव में बीघापुर नगर पंचायत में 6385 मतदाता सूचीबद्ध थे,जो 3 महीने बाद निकाय चुनाव की मतदाता सूची में घटा कर 4022 कर दिए गए।वहीं 2011 में निकाय चुनाव में नगर पंचायत में 6122 मतदाता थे। जो कि अब 2017 में होने वाले निकाय चुनाव के लिए कुनल मतदाताओं की संख्या 6501 दर्शायी जा रही है।इतना ही नहीं 2011 में कस्बे में अरक्षित पिछड़ा वर्ग का प्रतिशत 56 प्रतिशत था,जिसे इस बार घटा कर 46.96 प्रतिशत दर्शाया गया है।



वहीं लोगों का कहना है कि आखिर किस मंशा के अनुसार शासन ने केवल अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना कराई और उस गणना में बड़े पैमाने पर वास्तविक जनसंख्या को छिपा कर आंकड़ों का खेल किया गया। कस्बे के चार सबसे ज्यादा अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी सखने वाले वार्ड पटेल नगर, तिलक नगर, संदोही नगर शंकर नगर हैं,मजे की बात यह है कि इन्हीं चारों वार्डों से बड़े पैमाने पर परिवार के परिवार मातदाता सूची से गायब कर दिये गए जो इन्हीं वार्डों के मूल निवासी हैं। अंकड़े बताते हैं कि पटेल नगर में 660 मतदाता थे जो अब काट कर 338 कर दिए गए हैं।तिलक नगर में 633 मतदाता थे जिन्हें काट कर अब 440 कर दिया तो संदोही नगर में 689 से काटकर 391 और षंकर नगर में 674 से काटकर 456 कर दिए गए।अब सवाल यह है कि क्या एक एक वार्ड में अब तक 200 से 300 मतदाता मर चुके हैं या पलायन कर चुके हैं अथवा अब तक फर्जी मतदाता वहां दर्ज थे या फिर शासन प्रशासन और कथित नेताओं की मिलीभगत से किसी सोची समझी शाजिस के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को सूची से हटा कर किसी बड़े खेल को अंजाम दिया गया है?



नगर पंचायत अध्यक्ष उमानाथ धोबी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दिये गए शिकायती पत्र में कहा है कि पिछड़ी जाति के अधिक वोट शाजिस के तहत काटे गए हैं। वहीं कस्बे के अजय पटेल, ओम प्रकाश, राम प्रकाष सुत्तन, रजनीश पटेल, संजय कुमार, पंकज कुमार आदि ने भी जिलाधिकारी, राज्य निर्वाचन आयुक्त, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को भेजे गए शिकायती पत्रों में मांग की है कि इस सर्वे में सर्वे कर्मचारियों द्वारा जानबूझ कर कई कई परिवार मतदाता सूची से हटा दिए।इस लिए निश्पक्ष जांच करा कर दोषी कर्मचारियों को दण्डित करते हुए मतदाता सूची में सभी छूटे हुए पिरवारों के मतदाताओं को जोड़ जाए।अन्य बहुत से मतदाता जिनमें राजीव सिंह, पूर्व चेयरमैन गंगा प्रसाद पटेल, मोहनलाल, नवीन, रुद्र प्रताप, जगपाल, विशम्भर दयाल, छोटेलाल, पूरन लाल,पूर्व सभासद मंजू पटेल,श्याम बहादुर आदि सैकड़ों मतदाता जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं उनका आरोप है कि यह सब जानबूझ कर सोची समझी साजिश के तहत किया गया है जिससे कि पिछड़ा वर्ग की राजनैतिक भागीदारी समाप्त की जा सके।इतना ही नहीं इस काम में बीएलओ के साथ साथ पर्यवेक्षक व तहसील कर्मचारियों के अलावा कस्बे के कुछ कथित नेता भी शामिल हैं।

रिपोर्ट:डॉ.मान सिंह

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