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उन्नाव :सटोरियों को संरक्षित कर पत्रकारों पर दबाव बना रहे कोतवाल.

उन्नाव. अपराधियों व पुलिस के गठजोड नें कानून व्यवस्था की धज्जियां उडानें में आज सारी हदें पार कर दीं. एक छापेमारी में मै फोर्स पहुँचे गंगाघाट कोतवाल नें शराब पी रहे अपराधियों से सहयोग की बात करते हुऐ उल्टा खुलासा करनें वाले पत्रकारों के विपरीत तहरीर देनें की बात कही.

दरअसल गंगाघाट थाना अन्तर्गत जिले में सबसे बड़ा सट्टा व जुआ संचालित होता है, सट्टा संचालन का प्रमुख सरगना मिन्टू श्रीवास्तव उर्फ आतंकवादी गंगाघाट इलाके में लोगों को मुजबानी दस्दीक है, सट्टा संचालन के अवैध कारोबार के आरोप में मिन्टू श्रीवास्तव उर्फ आतन्कवादी के विरूद्ध कई बार मुकदमा पंजीकृत हुआ, जब भी उच्चाधिकारियों का दबाव पड़ता है तो वह अपनें गुर्गों को पुलिस से पकडवाकर वर्दी के संरक्षण में सट्टा संचालित करता चला आ रहा है, इस कथित सट्टा संचालक व संचालन के विरूद्ध विगत समय में अखबारों में छपता रहा है, गंगाघाट थाना अन्तर्गत सट्टा संचालन की खबर लगभग हर बड़े व छोटे अखबारों व मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हो चुकी है ,जबकि गंगाघाट थाना अन्तर्गत जुआ का प्रमुख संचालक मिन्टू निषाद अपनें सहयोगी रितेश शर्मा के साथा वर्षों से जुऐ की फड़े लगवाता रहा है जिसका प्रमाण शुक्लागंज के किसी भी संभ्रांन्त व्यक्ति से पता किया जा सकता है.


चर्चा है कि उक्त सभी अवैध कारोबार को संचालित कर रहे अपराधियों को कुख्यात अपराधी पंकज यादव से दिशा निर्देश मिलते है, असल में यही इन सभी अपराधियों का मुखिया है, पंकज यादव लूट व डकैती के मामले में दो बार जेल की सजा काट चुका है, आजकल हरि हर गौ रक्षा संस्थान की आड़ में पंकज यादव अपनें गैंग के अपराधियों को गौ रझक का चोला ओढाकर गंगाघाट थानें के खुले संरक्झण में रोजाना लाखों रूपयों का सट्टा व जुआ संचालित करवा रहा है.

मिन्टू निषाद का प्रमुख सहयोगी रितेश शर्मा उर्फ ढांचा

बताया जाता है कि उक्त मामले की शिकायत लखनऊ उच्चाधिकारियों से करनें पर सटोरियों व जुआरियों के साथ उन्नाव पुलिस के गठजोड़ की जांच शुरू की गई, हद तो तब हो गई जब योगी सुशासन की धज्जियां उडाकर जांच के नाम पर सटोरियों की तलास में छापेमारी का ढकोसला करते हुऐ गंगाघाट कोतवाली प्रभारी अरूण कुमार द्विवेदी धोबिन पुलिया स्थित कथित सट्टा व जुआ संचालकों के कार्यालय पहुँचे, बताते चले कि कुछ दिन पूर्व इसी कथित कार्यालय पर खाद्य विभाग की टीम नें एसडीएम उन्नाव के निर्देश पर छापेमारी की जिसमें धनिया में जहरीला केमिकल लगाकर बाजार में भेजनें का खुलासा हुआ, इसी कार्यालय के एक कमरे को टीम नें मय माल सील बन्द कर जांच शुरू कर दी है, उक्त सटोरियों के बीच के विश्वस्त सूत्र नें बताया कि जब कोतवाल महोदय कथित कार्यालय पहुँचे तो वहां शराब पीनें का दौर चल रहा था ,इस बीच कोतवाल नें सटोरियों की मोबाईल डिटेल व मौजूद सट्टा परचिया तलासनें के बजाय खुलासा तथा लखनऊ उच्चाधिकारियों से शिकायत करनें वाले पत्रकारों के विरूद्ध सबूत बनानें का प्रयास करते रहे, अपनी मिलीभगत का प्रमाण देते हुऐ कोतवाल अरूण कुमार द्विवेदी नें योगी सुशासन को बौना बनाकर अपराधियों से उल्टा पत्रकारों के विरूद्ध फर्जी तहरीर देनें की बात कही.


कुछ दिन पूर्व सटोरियों के बीच विश्वस्त सूत्र नें खुलासा किया था कि उक्त कथित सटोरिये पंकज यादव की अगुवाई में मिन्टू श्रीवास्तव उर्फ आतंकवादी, मिन्टू निषाद, रितेश शर्मा आदि नें कार्यालय में इक्ठ्ठा होकर 60,000/- रूपये एकत्र कर गंगाघाट कोतवाली प्रभारी अरूण कुमार द्विवेदी को सट्टा व जुआ संचालन हेतु सुविधा शुल्क के तौर पर खुद कोतवाली जाकर पहुँचाये थे, कोतवाली प्रभारी की आज की कार्यवाही नें उक्त सटोरियों के बीच विश्वस्त सूत्र की बात को प्रमाणिकता दे दी.

बताया जा रहा है कि आज सुबह से उन्नाव पुलिस व सटोरियों के गठजोड़ की जांच के नाम पर गंगाघाट थाना प्रभारी खुलासा करनें तथा शिकायत करनें वाले पत्रकारों को मोबाईल फोन पर डरानें धमकानें में लगे रहे, जब इससे बात ना बनी तो खुद छापेमारी का बहाना कर सटोरियों के पास पहुँचकर सावधान करते हुऐ पत्रकारों के विरूद्ध फर्जी तहरीर देनें की बात कही.


उक्त मामले में उन्नाव पुलिस उच्ताधिकारियों की नजर बनी हुई है किन्तु सटोरियों के संरक्षण व मनमानी पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नही की गई है.उन्नाव पुलिस खासकर गंगाघाट थाने की पत्रकारो की आवाज दबानें तथा दमनकारी कार्यशैली के विरूद्ध आनें वाले दिनों में उन्नाव तथा लखनऊ के पत्रकार मिलकर योगी सुशासन तक उन्नाव की असल तस्वीर को सबूतों के साथ प्रस्तुत करेंगे.

इस सन्दर्भ में पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने ट्वीट पर सज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की बात कही है .


रिपोर्ट : योगेन्द्र गौतम

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