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किसी दलित या पिछडा को बनाया जाए यूपी का मुख्यमंत्री -साक्षी महाराज

भाजपा इस बार किसी कुर्मी को मुख्यमंत्री पद का ताज पहनाने की तैयारी में है !

लखनऊ. उत्तर प्रदेश  में रुझानों के लिहाज से भाजपा प्रचंड बहुमत की तरफ बढ़ती दिख रही है. माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2014 के बाद भी उत्तर प्रदेश  में नरेन्द्र  मोदी लहर जस की तस बनी हुई है, लिहाजा भाजपा   की तरफ से मुख्‍यमंत्री के नाम पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बिगत दिनों से भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर गहन मंथन चल रहा है ,भाजपा के कद्दावर नेता स्वतंत्र देव सिंह ,केन्द्रीय मंत्री संतोष गंगवार ,सांसद मनोज सिन्हा ,लखनऊ मेयर डॉ दिनेश शर्मा समेत कई नामो पर चर्चा चल रही है ,भाजपा इस चुनाव में उम्मीद से ज्यादा सीटो पर जीत को लेकर उत्साहित है तो इस बात पर भी गौर कर रही है की किस वर्ग का एक मुस्त वोट बैंक भाजपा की और मुड़ा है ,यादव आबादी के बाद कुर्मी आबादी उत्तर प्रदेश में दूसरे नंबर पर है .कुर्मी वोट बैंक भाजपा का परम्परागत वोट बैंक रहा है ,भाजपा की इस सफलता में कुर्मी और लोध वोट बैंक का अहम् योगदान रहा है ,भाजपा शीर्ष नेतृत्व जातिगत वोट बैंक के आधार पर मुख्यमंत्री के पद हेतु  चयन में लगी है .

भाजपा सूत्रों के अनुसार भाजपा इस बार किसी कुर्मी को मुख्यमंत्री पद का ताज पहनाने की तैयारी में है ,इसी बीच  भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि यूपी में 20-22 प्रतिशत दलित समाज, 27 फीसदी अन्‍य पिछड़ा वर्ग है. इसलिए भाजपा को चाहिए कि इस बार किसी दलित या ओबीसी वर्ग में से किसी को मुख्‍यमंत्री बनाया जाय ,हालांकि इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के प्रवक्‍ता अमन सिन्‍हा ने कहा कि मुख्‍यमंत्री चुनने का फैसला बीजेपी का संसदीय बोर्ड तय करता है।

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