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क्या भाजपा कर रही है योगी आदित्यनाथ के पर कतरने की तैयारी?

लखनऊ.भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में फर्क होने की बात की चर्चा जगजाहिर है . भाजपाई इस बात को भी मानते है की आगे की पंक्ति के पायदान पर कदम रखने वाले नेतावो का पर शीर्ष नेतृतव द्वरा कतर दिया जाता है. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आँखों की किरकिरी बन चुके गोरक्ष पीठ के उत्त्राधिकारी सांसद योगी आदित्यनाथ का भी पर कतरने की भाजपा ने तैयारी कर ली है.पूर्वांचल में हिंदुत्व राजनीति के लिए प्रख्यात योगी आदित्यनाथ लगातार सांसद है जिन्हें मोदी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री तक बनाने की अहमियत नहीं समझी गई जबकि संघ और बीजेपी के कुछ नेतावो ने योगी के नाम की शिफारिश की थी.योगी की छबी कद्दावर हिन्दुत्ब राजनीति की है और पूर्वांचल के दर्जनों जिले में उनका असर है.भाजपा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी के नाम को लेकर चर्चा भी तेज थी .इधर भाजपा में बढ़ रही दलबदलुओं की भीड़ के बाद से ही उत्तर प्रदेश बीजेपी के हौसले बुलंद होने के कारण पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता पुनः टिकट बितरण में ठगे जाने को सशंकित है.


ाजपा सूत्रों के मुताबिक पूर्वांचल के प्रखर हिंदूवादी नेता योगी आदित्यनाथ को पार्टी में अब कम महत्व मिल रहा है, भाजपा विधानसभा चुनावों के लिए जिस चेहरे का इस्तेमाल अभी तक कर रही थी अब उसी का पर कतरने लगी है . प्रदेश में चुनावी आगाज के बाद से ही प्रचार शुरू हो चुका है.उसी प्रचार का प्रथम सोपान परिवर्तन यात्रा को बीजेपी ने अंजाम भी दे दिया है.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जगह –जगह सभाए भी हो रही है.भाजपा के इस प्रचार अभियान में काले धन की खरीद से नवाजी गई प्रचार बाइक भी बिवादित रही .
बिवादित मोटर बाईक का मामला योगी आदित्यनाथ के संसदीय इलाके गोरखपुर शहर से शुरू हुआ जिसकी भनक तक सांसद को नहीं रही,और जब मामला मीडिया की शुर्खिया बनी तो सांसद की भौहें खड़ी की खड़ी रह गई साथ ही साथ गली मोहल्लों में पोस्टर भी चिपकाए जाने लगे हैं. इन सभी जगहों पर कई नेताओं के चेहरे तो साफ़ नजर आ रहे हैं. लेकिन योगी आदित्यनाथ का चेहरा इन पोस्टर्स से गायब है. आज उस स्थानीय नेता योगी आदित्यनाथ नाम और चेहरा पोस्टर से गायब है जिसे मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट किए जाने की बात पार्टी में जोर मार रही थी. अब जब मौका आ गया है तो उन्ही के गढ़ में उनका नामोनिशान भाजपा के इस प्रचार से गायब हो चला है.

भाजपा के रंग में रंगी इस बाइक में माइक और स्‍पीकर के जरिए भाजपा के परिवर्तन लाने के संदेश को जन-जन तक भोजपुरी गीत के जरिए पहुंचाया जा रहा है.हैरत की बात यह है कि योगी के गढ़ में बाइक और सड़कों पर लगे पोस्‍टर में आदित्‍यनाथ को तरजीह देने की बजाय पार्टी ने दरकिनार कर दिया है.
गोरखपुर के कमल सन्देश यात्रा के एक कार्यकर्ता से जब  पूछा गया कि भाजपा की बाइक पर अन्‍य नेताओं की तो फोटो लगी है, लेकिन योगी आदित्‍यनाथ के गढ़ में ही उनकी फोटो बाइक पर नहीं दिख रही है। इस पर उस कार्यकर्ता ने कहा कि ऐसा लगता है कि ऊपर से कहीं चूक हुई है. अन्‍य नेताओं की तरह योगी आदित्‍यनाथ की भी फोटो इस पर होनी चाहिए थी.


कमल सन्देश यात्रा के कार्यकर्ता की बात की सच्‍चाई शहर के पैडलेगंज पर लगे भाजपा के एक भव्‍य पोस्‍टर से भी लगी है जिस होल्डिंग पर भी तमाम नेताओं के बीच में सांसद योगी आदित्‍यनाथ का चेहरा गायब है.

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