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बाप – बेटे का आज शक्ति परीक्षण, दोनों ने बुलाई है अपने समर्थकों की बैठक




सजपा के अध्यक्ष अखिलेश को पार्टी और सिंबल सौंपने को तैयार

लखनऊ.सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह आज आधिकारिक रूप से घोषित किए गए 393 प्रत्याशियों की बैठक बुलाई है इन से कई प्रत्याशियों वे भी है जो जिन पर अखिलेश ने भी डोरे डाल रखे है. अब ये देखना होगा कि मुलायम सिंह के बुलावे पर बैठक में कौन-कौन से प्रत्याशी आते हैं. दूसरी ओर अखिलेश यादव ने भी विधायकों की बैठक बुला रखी है. समाजवादी जंग के बीच अमर सिंह ने कहा है ‘रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा,बेटा करेगा राज, बेचारा बाप जंगल को जाएगा.
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आज हो रही बैठक में किसी भी विधायक को मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं है.अखिलेश यादव के मुख्य मंत्री आवास 5 केडी पर वि‍धायको जमवाडा लगा है.अखिलेश समर्थको की भारी भीड़ भी अखिलेश यादव के आवास पर लगी है किसी भी अनहोनी की आशंका के तहत सुरक्षा के पुख्ता इंतिजाम करसिक्युरिटी बढ़ा दी गई है.
आज सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास पर एमएलसी रमेश दुबे,चंद्रा रावत,अभय नारायण पटेल,श्याम बहादुर, सुनील सिंह मौजूद रहे. सनद रहे कल शाम को ही सपा की प्रवक्ता जूही सिंह ने इस्तीफा दे दिया था.उन्होंने कहा ‘जब मेरे मुख्यमंत्री को ही सस्पेंड कर दिया गया है तो मेरी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है। मैं नेताजी के खिलाफ नहीं हूं लेकिन हम मुख्यमंत्री अखिलेश के साथ खड़े हैं वही अखिलेश के समर्थन में अनेक जिलो के पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया था .
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सपा में टूट के बाद उपजे हालात में कांग्रेस अखिलेश के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस ने पहली प्रतिक्रिया में कहा कि उत्तर प्रदेश में अस्थिरता लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होता है तो उसके विधायक अखिलेश के समर्थन में वोट देंगे.
अखिलेश समर्थको का कहना है कि अखिलेश के पास पार्टी बनाने का समय नहीं है. ऐसे में वह समाजवादी जनता पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ सकते हैं दूसरी ओर सजपा के अध्यक्ष अखिलेश को पार्टी और सिंबल सौंपने को तैयार है.सजपा के अध्यक्ष और मशहूर उधोगपति कमल मुरारका ने अखिलेश यादव को उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह से लड़ने की पेशकश की है. जिस संदर्भ में मुरारका ने कुछ दिन पहले दिल्ली में रामगोपाल से भी मुलाकात की थी. वे दो दिन से लखनऊ में थे. पार्टी सूत्रों के अनुसार सजपा प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को ही अखिलेश से मुलाकात कर कहा कि अखिलेश चाहें तो वे अपनी पार्टी और चुनाव चिन्ह दोनों सौंपने को तैयार है.
फिरहाल आज बाप और बेटे में शक्ति परिक्षण है देखना यह है की ऊट किस करवट बैठता है.


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