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भाजपा, सपा-कांग्रेस का बिरोध करेंगे 8 लाख आरक्षण समर्थक

लखनऊ .आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के प्रान्तीय कार्यसमिति की एक आवश्यक बैठक राजनैतिक पार्टियों द्वारा जारी घोषणा पत्र पर गम्भीर चिन्तन हेतु सम्पन्न हुई.
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के नेताओं ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि समाजवादी पार्टी व भारतीय जनता पार्टी जो लगातार पदोन्नतियों में आरक्षण की विरोधी रही हैं.अब उनके द्वारा जारी घोषणा पत्र से पूरी तरह साफ हो गया है कि आने वाले समय में उनका पदोन्नतियों में आरक्षण सहित आरक्षण के गम्भीर मुद्दों पर कोई लेना देना नहीं है.उसी के साथ कांग्रेस पार्टी ने पूर्व में एक दलित सम्मेलन में पदोन्नतियों में आरक्षण की वकालत की थी,परन्तु अब जब वह समाजवादी पार्टी के साथ गठबन्धन में है तो निश्चित तौर पर उसका भी आरक्षण के मुद्दे पर कोई सरोकार नहीं रहा है.
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के नेताओं यह ऐलान किया कि वोट की चोट से प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक,2 लाख शिक्षक व उनके नाते रिश्तेदार सपा, भाजपा व कांग्रेस का हर स्तर पर वोट की चोट से एकजुट होकर सबक सिखायेगें.
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, इं.केबी राम व कृपा शंकर ने कार्य समिति को सम्बोधित करते हुये कहा कि सभी लाखों आरक्षण समर्थक कार्मिक पूरे प्रदेश में सपा,भाजपा व कांग्रेस के आरक्षण विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करें और जनमानस को जागरूक कर इस बात का संदेश दें कि अब बाबा साहब द्वारा बनायी गई संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण की रक्षा तभी हो पाएगी जब उत्तर प्रदेश में आरक्षण समर्थक सरकार बनेगीं.

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से केन्द्र की मोदी सरकार ने बाबा साहब के नाम पर दलित समाज को गुमराह किया और जब घोषणा पत्र में पदोन्नतियों में आरक्षण को स्थान देने का नम्बर आया तो सभी चुप हो गये.
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा भाजपा व आरएसएस दोंनों का एकमात्र एजेण्डा है कि देश से आरक्षण रूपी संवैधानिक व्यवस्था कैसे समाप्त की जाय किन्तु वह यह भूल गये हैं कि देश का करोड़ों आरक्षण समर्थक अपनी वोट की ताकत से उसे ही समाप्त कर देगा जो आरक्षण को समाप्त करने की बात करते हैं.



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