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भाजपा सरकार ने शराब से राजस्व कमाने का निकाला तोड़, 64 स्टेट हाईवे जिला मार्ग घोषित

देहरादून। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर दूर तक शराब की दुकानों पर रोक लगाई हुई है। जिससे कि कई राज्यों की आबकारी राजस्व को नुकसान होने लगा था। लेकिन आबकारी राजस्व को मिले झटके का तोड़ उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने निकाल लिया है। भाजपा सरकार ने नगर निकायों के अंतर्गत सभी स्टेट हाईवे की श्रेणी को बदलकर अन्य जिला मार्ग घोषित करने पर मुहर लगाई है।

मंत्रिमंडल के इस फैसले से 64 मार्ग अब स्टेट हाईवे के दायरे से बाहर हो गए हैं। नतीजतन अब इन मार्गों पर मौजूद शराब की दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट करने की बाध्यता से सरकार को निजात मिल सकेगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्य रूप से हाईवे से शराब की दुकानों की शिफ्टिंग से आबकारी राजस्व को हुए नुकसान से निपटने को विकल्प पर मंथन हुआ।

मंत्रिमंडल के फैसले ब्रीफ करते हुए मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने बताया कि राज्य के सभी नगर निकायों यानी नगर निगमों, नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अंतर्गत स्टेट हाईवे का हिस्सा अब स्टेट हाईवे नहीं कहलाएगा। इन्हें अन्य जिला मार्ग घोषित किया गया है।

मंत्रिमंडल ने तर्क दिया कि नगर निकाय क्षेत्रों में आबादी बढ़ गई है और इनके अंतर्गत मार्गों को दोनों ओर चौड़ीकरण समेत विकास कार्यों को अंजाम देना मुमकिन नहीं है। मार्ग में सीवर लाइन, नाली, बिजली खंभे, ट्रांसफार्मर, टेलीफोन लाइन, स्थानीय निकाय के होर्डिंग होने से इन मार्गों के विशेष भागों के रखरखाव व हाईवे की विशिष्टता को बरकरार रखने में व्यावहारिक कठिनाइयां पेश आ रही हैं।

मंत्रिमंडल के इस फैसले से ऐसे 64 मार्ग अब स्टेट हाईवे के स्थान पर अन्य जिला मार्ग बन गए हैं। उक्त मार्ग राज्य के 63 नगर निकायों के अधीन हैं। गौरतलब है कि राज्य में कुल 92 नगर निकाय हैं। मंत्रिमंडल के इस कदम से स्टेट हाईवे के तौर पर 150 से ज्यादा शराब की दुकानों की शिफ्टिंग की नौबत नहीं आएगी।

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