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रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी पर रोक

नईदिल्ली .उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. गायत्री प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश को वापस लेने और गिरफ्तारी पर रोक लगने की याचिका दायर की है.

सनद रहे मंत्री गायत्री प्रजापति काफी समय से फरार चल रहा हैं. सूत्रों के मुताबिक गायत्री कोर्ट में सरेंडर भी कर सकता हैं. अगर वो ऐसा करता हैं तो पुलिस ने कोर्ट के बाहर ही गिरफ्तार करने की तैयारी कर रखी है. पुलिस गायत्री के खिलाफ लुकआउट नोटिस कर चुकी है जिसके बाद एअरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों सहित तमाम मार्गों पर पुलिस नजर रख रही है. इन सब आरोपों पर गायत्री प्रजापति ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और शिकायतकर्ता महिला आदतन ब्लैकमेलर है.

विपक्षी पार्टियां गायत्री प्रजापति को गिरफ्तार करने की मांग कर रही हैं. लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पा रहा. भाजपा के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस डायल 100 का अखिलेश प्रचार करते हैं, वह पुलिस 20-22 दिन से गायत्री प्रजापति को नहीं पकड़ पा रही है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश अपने चहेते मंत्री गायत्री प्रजापति को गिरफ्तार तो नहीं करोगे, बर्खास्त तो करो. गिरफ्तारी 11 तारीख के बाद हम कर लेंगे.

गायत्री के फरार होने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने अखिलेश सरकार को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि बलात्कार के आरोपी गायत्री प्रजापति को मंत्री पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा, राम नाईक ने लिखा सुप्रीम कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री, गायत्री प्रसाद प्रजापति पर एक महिला तथा उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अपने साथियों सहित सामूहिक दुष्कर्म के आरोप को संज्ञान में लेते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया है.

सनद रहे गायत्री प्रजापति और उसके साथियों पर एक महिला ने रेप का आरोप लगाया था कि महिला के अनुसार तीन साल पहले उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया जिसके बाद वो बेहोश हो गई और गायत्री समेत सात लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया. मामले की कारवाई के बाद 18 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गायत्री समेत सात और आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी.

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