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भाजपा सरकार बनी गुंडों की शरणगाह ,MP के रीवा में वर्दीधारी गुंडों ने इं मनीष पटेल को किया मरणासन्न

नई दिल्ली. प्रबल धर्मिक प्रवृत्ति के कारण भगवाधारियो के धार्मिक एजेंडे में फसा पटेल समाज रास्ट्रवाद और राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा का परम्परागत वोट बैंक रहा है .उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के चुनाव में एक मुस्त भाजपा को मतदान कर पटेल समाज ने भाजपाईयो को सत्ता की बागडोर सौप दी .पटेल समाज के खुले समर्थन के बाद सत्ता में पहुची भाजपा सरकार में अब इस समाज की उपेक्षा किसी से छिपी नहीं है .भाजपा शासित प्रदेशो में पटेल समाज के लोगो की हत्याओ का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है .गुजरात ,मध्यप्रदेश ,उत्तर प्रदेश में लगातार पटेल समाज पर दमन का चक्र चल रहा है ,जिस कारण आज गुजरात का परम्परागत भाजपाई पटेल समाज सत्ताशीन भाजपा को हार्दिक के सहारे चुनौती देते हुए भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना चूका है ,जिसका परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रैलीयो से ज्यादा जमवाडा हार्दिक के कार्यकर्मो में हो रहा है.

उत्तर प्रदेश में भाजपा के सत्ता सँभालते है पटेल समाज पर दमन का दौर चल ही रहा था कि मध्यप्रदेश के भाजपाई शिवराज सरकार में भी पटेल समाज के लोगो को मौत की नीद सुलाया जाने लगा .कानून व्यवस्था की कड़ाई का प्रोपोगंडा फैलाने वाले मुख्यमंत्री शिवराज की सरकार के वर्दीधारी गुंडे की भेष भूषा धारण कर बेगुनाह नौजवानों को मौत की नीद सुला रहे है .मीडिया रिपोर्ट में वर्दीधारी गुंडों की हकीकत सामने आने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन पर लगाम कसने की बजाय मौन धारण कर इन गुंडों को गुंडागर्दी की खुली छुट दे रखा है .

मुख्यमंत्री शिवराज के कारण ही मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था बदहाल और अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं. सरकार के खत्म हो चुके इकबाल का असर ये है कि रेलवे में कार्यरत एक युवक को पुलिस इतनी बर्बरता से पीटती है कि आज वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है.

मध्यप्रदेश में फैली अंधेरगर्दी के बीच खबर रीवा जिले से है. यहां एक युवक के साथ पुलिस की गुंडागर्दी गर्दी का मामला प्रकाश में आया है.मुख्यमंत्री शिवराज के राज के वर्दीधारी गुंडों की गुंडई के शिकार हुए 24 वर्षीय मनीष पटेल ने भोपाल से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग करने के बाद रीवा रेलवे में ही संविदा कर्मचारी के रूप में ज्वाइन कर लिया था.

जानकारी के अनुसार पीड़ित रीवा के समदड़िया होटल के पास खड़ा था तभी अचानक दो बाइकों से आये चार युवकों ने यह कहकर छीना-झपटी शुरू कर दी कि तुमने मेरे साथ पहले भी मारपीट की है, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से मामला शांत करा दिया.

देर रात संस्कृत मैरिज गार्डन में मनीष पटेल एवं उन युवकों की फिर से मुलाकात हो गई. इसके बाद आरोपी युवकों ने अपने मित्र एसआई शिवा अग्रवाल एवं आरक्षक कमला प्रसाद के साथ मिलकर युवक मनीष को शुक्रवार को लगभग शाम 5 बजे लैंडमार्क होटल के सामने से पकड़कर निजी वाहन स्विफ्ट डिजायर में बैठा कर कहीं ले गए.

मनीष पटेल जिस पल्सर बाईक से चलता था उसे एक आरक्षक द्वारा समान थाने में लाकर खड़ा कर दिया गया और युवक को अन्यत्र ले जा कर जमकर मारपीट की गई. इसकी जानकारी होते ही युवक का भाई श्याम पटेल 6 बजे थाने पहुंचा लेकिन उस वक्त युवक थाने में नहीं था.

श्याम पटेल का आरोप है कि उसके सामने ही करीब 6:15 बजे मनीष को थाने लाया गया. मनीष की हालत गंभीर थी और वह बार-बार खड़े-खड़े गिर रहा था. थाने के स्टाफ द्वारा श्याम को थाने से भगाकर आनन-फानन में संजय गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया.

इस मामले में अस्पताल स्टाफ का कहना है कि युवक को प्रकाश पटेल नाम के व्यक्ति द्वारा भर्ती कराया गया है लेकिन परिवार के लोगों का आरोप है कि युवक को थाना प्रभारी समान प्रभात शुक्ला एवं एसआई अग्रवाल द्वारा पुलिस वाहन में ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

रात्रि 1:30 बजे के करीब मनीष को संजय गांधी अस्पताल से रेफर कर दिया गया और इसके बाद परिजन मनीष को विंध्या अस्पताल ले गए जहाँ उसे डाक्टरों ने भर्ती करने से इनकार करते हुए जबलपुर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद मनीष को एम्बुलेंस से जबलपुर ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. मायूस परिजन उसे लेकर लौट ही रहे थे कि अचानक उसके शरीर में कुछ हलचल दिखी.

इसके बाद मनीष को फिर से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में वेंटिलेटर पर रखा गया है जहां वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है. मामले से आक्रोशित मनीष के परिजनों और पटेल समाज के आक्रोशित युवाओं ने समान थाने का घेराव करके दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग किया है .

 

 रीवा में चार बार पुलिस की निष्क्रियता सामने आई है- 

  •  पूजा पटेल मर्डर केस
  •  निवर्तमान समान थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा द्वारा दशहरे के दिन निर्दोष युवक के साथ मारपीट
  •  अतीक अहमद उर्फ रॉकी (पूर्व पार्षद) के साथ निवर्तमान थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव द्वारा मारपीट
  • मनीष पटेल के साथ एसआई शिवा अग्रवाल द्वारा मारपीट

कल भी सिविल लाइन्स थाने के एक एसआई द्वारा ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष के साथ मारपीट करने की खबर आई थी जिसकी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की दी गयी थी लेकिन कार्रवाई शून्य रही.

थाने का घेराव करने पहुंचे आक्रोशित युवकों का कहवा था कि जिले से तालुक्क रखने वाले मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की जनता से दूरी और सत्ता का घमंड अब ज्यादा दिन तक रहने वाला नहीं है क्योंकि लगातार प्रशासन का कहर झेल रही आम जनता अब कराह रही है और इन्हें अब वर्तमान सरकार को वनवास भेजने की तैयारी कर चुकी है.

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