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जदयू शरद गुट के कार्यकारी अध्यक्ष रहे छोटूभाई वसावा ने भाजपा व CM नीतीश के जदयू को दी करारी मात

हार्दिक पटेल के ख़ास सिपहसालार रहे जनता दल यू के रास्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार गुजरात चुनाव के दौरान गुज्ररात राज्य के प्रभारी रहे.भाजपा की मंशा के अनुरूप पाटीदार वोट बैंक पर डाका डालने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु जद यू ने दम -ख़म के साथ गुजरात चुनाव लड़ा और अपने मकसद में कामयाब रहे कई विधान सभा सीटो पर जद यू के कारण कांग्रेस की हार हुई .

नई दिल्ली .गुजरात चुनाव में कई सीटो पर चुनाव लडे जदयू को इस बार भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है . शरद गुट के कार्यकारी अध्यक्ष रहे छोटूभाई वसावा को इस चुनाव में पराजित करने के जदयू के मंसूबे पर पानी फिर गया.

भरुच की झगड़िया सीट पर दिलचस्प मुकाबला रहा क्योंकि वहां पर स्थापित विधायक छोटूभाई वसावा ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजीव भाई वसावा को 48948 वोटों से हराया बल्कि अपने खिलाफ उतरी अपनी पुरानी पार्टी जदयू को बुरी तरह से सबक सिखाया .इस विधानसभा चुनाव में नीतीश समर्थित उम्मीदवार को न सिर्फ हार का मुंह देखना पड़ा बल्कि महज 5055 वोट पाकर ही उसे संतोष करना पड़ा ,जो उस विधानसभा सीट पर नोटा ( NOTA ) पर पड़े 5364 वोटों से भी कम रहा.

गुजरात विधानसभा चुनाव में CM नीतीश कुमार की जनता दल यू एक ख़ास रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतर अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को फायदा पहुचने में कामयाब रही .बताया जाता है कि हार्दिक पटेल के ख़ास सिपहसालार रहे जनता दल यू के रास्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार गुजरात चुनाव के दौरान गुज्ररात राज्य के प्रभारी रहे.भाजपा की मंशा के अनुरूप पाटीदार वोट बैंक पर डाका डालने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु जद यू ने दम -ख़म के साथ गुजरात चुनाव लड़ा और अपने मकसद में कामयाब रहे कई विधान सभा सीटो पर जद यू के कारण कांग्रेस की हार हुई .

सनद रहे कुछ महीने पहले छोटू भाई वसावा ने राज्यसभा चुनाव के दौरान भी सभी को चकमा देते हुए CM नीतीश और भाजपा को चारों खाने चित कर दिया था . उस वक्त वह जदयू से MLA थे और नीतीश ने उन्हें भाजपा के लिए वोट करने को कहा था फिर भी उनकी बात की अवहेलना करते हुए वह शरद यादव से सहमत होकर कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल को वोट दिया था जिस कारण चुनाव परिणाम आया तो पता चला कि छोटू भाई वसावा के वोट की वजह से ही अहमद पटेल की जीत हुई है.

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