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फेसबुक इण्डिया से मनुवादी उमंग की छुट्टी ,मानवतावादीयो में खुशी ,याद आई पूर्व एम् डी कृतका रेड्डी

नई दिल्ली .फेसबुक इंडिया से मनुवादी मैनेजिंग डायरेक्टर उमंग बेदी की छुट्टी हो गई है , 2016 के जून में उमंग बेदी मैनेजिंग डायरेक्टर बनाकर फेसबुक ने आशा पाल लिया था कि उमंग के नेतृत्व में भारत में फेसबुक का व्यापार आसमान छुएगा ,किन्तु फेसबुक प्रबंधतंत्र को व्यवासायिक बद्दोतरी नजर नहीं आई बल्कि भारत के 85 प्रतिशत मूल निवासियों के शिकायती पत्र अलबत्ता फेसबुक के कर्ताधर्ता मार्क जुबर्वर्ग को मिलने शुरू हो गए .
पाखण्ड वाद जैसे आरोपों से घिरे बेदी आधिकारिक तौर पर फेसबुक के साथ साल 2016 जुलाई में जुड़े थे. इसके पहले वो एडोबी सिस्टम इंक. के एशिया पैसिफिक लीडरशिप टीम के मैनेजिंग एडिटर थे. उनका काम साउथ एशिया में कंपनी के बिजनेस को लीड करना था.बेदी ने फेसबुक इंडिया के एमडी का पद किर्तिगा रेड्डी के अमेरिका लौटने के बाद संभाला था. रेड्डी कंपनी के कैलिफोर्निया स्थित चीफ ऑफिस में नई भूमिका संभाल रही हैं. बेदी ने पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था. वह हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के भी छात्र रहे हैं.

रिपोर्ट्स की मानें, तो फेसबुक के भारत में 20.1 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं. फेसबुक देश में 12 भाषाओं में उपलब्ध है और भारत में उपलब्ध 80% से ज्यादा एप फेसबुक से एकीकृत हैं.फेसबुक को भी ज्ञात है कि भारत में 85 प्रतिशत फेसबुक यूजर मूलनिवासी दलित ,पिछड़ा व अल्प्संख्यक समाज के लोग है .हाल के ही दिनों में देश में सामाजिक समरसता पर अपने विचार लिखने वाले मानवतावादी लेखको ,न्यूज़ बेब साईटस पर फेसबुक इण्डिया ने पाबंदी लगा दी थी ,मानवतावादीयो के फेसबुक एकाउंट लगातार ब्लाक किए जा रहे थे . फेसबुक इण्डिया के एम् डी बेदी की एक पक्षीय मानशिकता को लेकर मानवतावादी लेखको ने फेसबुक हेड क्वार्टर को खूब शिकायत लिखा कि फेसबुक इण्डिया द्वारा बहुजन समाज की आवाज ,मानवतावादी साथियो के विचार को दबाया जा रहा है किन्तु मनुवाद का प्रचार करने की खुली छुट है .मार्कजुबर को भेजे शिकायती पत्रों में पूर्व एमडी कृतिका रेड्डी की तारीफे भी की गई .लोगो ने लिखा कि सोशल मीडिया में सबको साथ लेकर चलनी वाली कृतिका रेड्डी जैसी ही कोई ही सफल हो सकती हैं. भारत का फेसबुक कृतिका ने 13 साल में खड़ा किया. नालायक उमंग ने डेढ़ साल में फेसबुक की ग्रोथ रोक दी.

इस मुद्दे पर बरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल जी ने लिखा कि ,

फेसबुक इण्डिया के प्रबंध निदेशक उमंग बेदी उमंग भारत की विविधता को समझ ही नहीं पाया. आते ही दफ़्तर में सत्यनारायण व्रत कथा करवा दी और फिर फेसबुक के टॉप एक्ज़िक्यूटिव्स को हरिद्वार में गंगा स्नान करवाया.
भारत के 78% लोग ख़ुद को हिंदू लिखवाते ज़रूर हैं, लेकिन यह एक ब्रॉड कटेगरी है. हज़ारों मान्यताओं के लोग हैं इस कटेगरी में.
लोगों को उमंग की हरकत पसंद नहीं आई. हिंदुओं ने भी उसके पंडावाद को ख़ारिज कर दिया. बड़ी संख्या में लोगों ने मार्क जुकरबर्ग को शिकायती मेल लिखे.
यहाँ सोशल मीडिया में सबको साथ लेकर चलनी वाली कृतिका रेड्डी जैसी ही कोई ही सफल हो सकती हैं. भारत का फेसबुक कृतिका ने 13 साल में खड़ा किया. नालायक उमंग ने डेढ़ साल में फेसबुक की ग्रोथ रोक दी.
जुकरबर्ग की हर ग्रुप फ़ोटो में ब्लैक्स और एशियन होते हैं. बंदा यहूदी है पर चर्च जाता है. इफ्तार की दावत घर पर देता है.
फेसबुक ऐसे बना है. उमंग गधा साबित हुआ.पंडा कहीं का!

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