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उच्च और तकनी‌की शिक्षा पर GST डाका

लखनऊ . मध्य रात्रि से लागू हुए जीएसटी का असर अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ उच्च व तकनीकी शिक्षा पर भी पड़ेगा. वर्तमान में उच्च शिक्षा पर लगने वाला टैक्स 15 फीसदी थी जो जीएसटी में न्यूनतम 18 फीसदी हो जाएगी .जिस कारण फीस पर होने वाले खर्च में आम लोगों को वर्तमान की अपेक्षा और ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रतिवर्ष छह से 21 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक अतिरिक्त खर्च करने का कारण बन गया GST . कुछ कोर्सों की फीस में होने वाली संभावित वृद्धि इस प्रकार है.

कोर्स- वर्तमान फीस- जीएसटी से वृद्धि- कुल शुल्क

  • एलएलबी ऑनर्स (आरएमएल नेशनल यूनिवर्सिटी) – 1,19000- 21420 – 140420
  • एलएलएम (आरएमएल नेशनल यूनिवर्सिटी)- 79000- 14220 – 93220
  • बीटेक प्रथम वर्ष (आईईटी लखनऊ)- 48825- 8788 – 57613
  • बीटेक द्वितीय वर्ष (आईईटी लखनऊ)- 63325- 11398 – 74723
  • बीटेक तृतीय वर्ष (आईईटी लखनऊ)- 63325- 11398 – 74723
  • बीटेक चतुर्थ वर्ष (आईईटी लखनऊ)- 63975- 11515 – 75490
  • एमबीए प्रथम वर्ष  (आईईटी लखनऊ)- 33825- 6088 – 39913
  • एमबीए द्वितीय वर्ष  (आईईटी लखनऊ)- 48975- 8815 – 57790
  • एमसीए प्रथम वर्ष  (आईईटी लखनऊ)- 33825- 6088 – 39913
  • एमसीए द्वितीय वर्ष  (आईईटी लखनऊ)- 48325- 8698 – 57023
  • एमसीए तृतीय वर्ष  (आईईटी लखनऊ)- 48975- 8815 – 57790




इस सन्दर्भ में छात्रों का कहना है कि केंद्र व प्रदेशो की सरकारों ने नारा दिया था की ‘बेटा -बेटी एक सामान ,सबको शिक्षा का सामान अधिकार ‘और सरकारों का शिक्षा पर विशेष जोर होता है कि नौजवान उच्च शिक्षा प्राप्त कर स्वालंबी बने किन्तु केंद्र सरकार एक तरफ शिक्षा को बढ़ावा दे रही है वही दूसरी तरफ GST के माध्यम फीस में बढ़ोतरी कर गरीव नौजवानों को शिक्षा से बंचित करने का काम कर रही है .

श्रोत -मीडिया रिपोर्ट

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