You are here

JDU विवाद : पूर्व रास्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव गुट को मिली राहत,चुनाव आयोग ने दावे के पक्ष में तथ्यों के साथ माँगा जवाब

नयी दिल्ली .जनता दल यूनाइटेड पर कब्जे की लड़ाई में नया मोड़ आ गया है ,शरद यादव गुट के द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए दावा संबंधी पत्र पर विचार करते हुए चुनाव आयोग ने शरद गुट से दावे के पक्ष में तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा है .चुनाव आयोग के इस आदेश के बाद शरद गुट में खुसही का माहौल है .

चुनाव आयोग ने शरद गुट को राहत देते हुए शरद यादव गुट को जनता दल यूनाइटेड पार्टी संगठन पर दावे के संबंध में एक बार और पक्ष रखने का मौका दिया है. पूर्व में एक बार आयोग शरद यादव गुट के दावों को खारिज कर चुका है, लेकिन शरद गुट ने दोबारा अपनी दावेदारी के पक्ष में आवेदन दिया था . इसके बाद चुनाव आयोग ने शरद यादव गुट से कहा है कि वह इस संबंध में अपने दावे के पक्ष में तथ्यों के साथ जवाब दे.

सनद रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार में जदयू, राजद एवं कांग्रेस ने महागंठबंधन बनाकर 2015 का विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत कर सत्ता में आया था. लेकिन राजद नेता व महागंठबंधन सरकार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागंठबंधन से नाता तोड़ते हुए सरकार को भंग कर दिया और भाजपा के साथ मिल कर जदयू-भाजपा सरकार बनायी.

इस बदलाव के बाद जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव पार्टी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जंग का एलान कर सार्वनजिक मंचो से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फैसले की आलोचना किया . इसके बाद से ही शरद यादव गुट लगातार जदयू पर अपने कब्जे का दावा कर रहा है. इस सम्बन्ध में शरद गुट ने चुनाव आयोग में दावा सम्बन्धी पत्र दाखिल किया किन्तु आयोग ने शरद यादव गुट के दावे को नकार दिया था .

इसे भी पढ़े-

(खबर कैसी लगी बताएं जरूर. आप हमें फेसबुक, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो भी कर सकते हैं.)




इसे भी पढ़े -