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पत्रकार गौरी लंकेश की निर्मम हत्या के विरोध में महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में विधार्थीयो ने कैंडल मार्च निकाल किया प्रतिरोध सभा

सामाजिक कार्यकर्ता, आजाद विचार, स्वछंद निर्भीक लिखने और बोलने वाली’लंकेश पत्रिके’ की संपादक कन्नड़ भाषा की वरिष्ठ पत्रकार’गौरीलंकेश’ की हत्या मंगलवार को अज्ञात हमलावरों ने उनके निवास के बहार गोली मारकर कर दी गई।एक पत्रकार के तौर पर गौरी लंकेश दक्षिणपंथी राजनीति को लेकर आलोचनात्मक रुख रखती थीं। वे सीधे सरकार से तीखे सवाल पूछती थीं। ये सवाल सिर्फ वर्तमान सरकार से ही नहीं बल्कि इससे पूर्व की सरकारों से भी वे तीखे सवाल किया करती रही थी।गौरी लगातार हिंदुत्ववादी गुंडों और उनसे जुड़े अन्य संगठन के विरुद्ध लिखती रही थीं । यह नहीं है कि वे बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के विरुद्ध ही लिख रही थीं बल्कि अन्य सरकारों की दोगली चरित्र को भी पर्दाफास कर रही थीं ।दक्षिणपंथी संकीर्ण सोच का भी वे पर्दाफाश कर रही थीं।

गौरी लंकेश की हत्या मात्र गौरी लंकेश की हत्या नहीं है बल्कि यह अभिव्यक्ति के आजादी की हत्या है, लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की हत्या है।इस हत्या के माध्यम से डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है ताकि कोई और सरकार से सवाल कोई न पूछे सके तथा दक्षिणपंथी संकीर्ण सोच पर सवाल न खड़ा करे। इस तरह की यह पहली हत्या नहीं है बल्कि इससे पहले भी श्रृंखलाबद्ध हत्याएं हुईं हैं। इस श्रृंखला में पनसारे, दाभोलकर और कलबुर्गी भी शामिल हैं। आश्चर्य की बात है कि ऐसी हत्यायों में अब तक किसी भी हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।ऐसी हत्यायों के विरुद्ध खड़ा होना और उनके लिये न्याय सुनिश्चित करवाना सभी न्याय पसन्द लोगों की जिम्मेदारी है।

इस निर्मम के विरोध में महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में विद्यार्थियों ने कैंडल मार्च और प्रतिरोध सभा रखी। विश्वविद्यालय के तमाम शिक्षक, प्रगतिशील विद्यार्थी औरआइसा विद्यार्थी संगठन सांगठनिक रूप से शामिल होअपना विरोध प्रकट किया। प्रतिरोध सभा मेअपनी बात रखते हुएप्रोफेसर डॉ.अमरेंद्र ने कहा कि गौरी लंकेश जैसी प्रखर पत्रकारों की सुरक्षा करना हमारी सरकारों की जिम्मेदारी है जिसमे वह असफल साबित हुई है। सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने गौरी लंकेश की हत्या की निंदा की औररोष प्रकट कर सरकार से मांग की है कि हत्यारों को शीघ्रपकड़ उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाये जिससे इस घटना की पुनःवृति न हो और समाज में एक न्यायिक सौहार्द बना रहे।

 

रिपोर्ट -राजेश सारथी

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