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बेटियों के सहारे हल जोतने को मजबूर किसान

भोपाल .देश के किसानो की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है ,लागत मूल्य में बढोतरी और उत्पादन मूल्य में गिरावट के कारण कही किसान कर्ज खोरो के कारण आत्महत्या कर रहा है तो कही सरकारी तंत्र की लापरवाही की भेट चढ़ रहा है .

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किसानो की मृत्यु की आग में जल रहे मध्यप्रदेश से एक हैरान कर देने वाला समाचार सामने आया है जहा देश के अन्नदाता किसान की आर्थिक स्थिति इतनी नाजुक है कि वह बैलो की बजाय बेटियों को बैल सरीखे बनाकर की जोताई कर रहा है. सिरोह निवासी इस किसान का नाम सरदार बरेला बताया जा रहा है .किसान की इस दशा पर जब प्रशासन की निगाह पड़ी तो कमी छिपाने हेतु वहां के डीपीआरओ आशीष शर्मा ने लाचार किसान से कहा है कि वह ऐसा ना करें यहाँ तक किसान को हरसंभव मदद देने की बात भी कही गई थी.

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