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तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेट करने पर CM योगी पर उठा सवाल

जीवनभर राम के नाम पर राजनीति करने वाले विदेशी मेहमान को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर रहे है. 33 करोड़ देवी देवताओं में क्या एक भी ऐसा नहीं जिसकी प्रतिमा भेंट की जा सके. अब कहाँ गए हिन्दू धर्म के ठेकेदार, योगी को इसकी सजा जरूर मिलनी चाहिए. लगता है ये खुद ही अयोध्या में बुध विहार बनाने का तैयार है.

लखनऊ .रामराज्य की स्थापना करने का सपना दिखाने व अयोध्या में राम मंदिर बनाने का वादा करने वाले उत्य्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व अंतररास्ट्रीय हिन्दू महासंघ के अध्यक्ष रहे योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दौरे पर आए दुनिया के सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स व हिन्दुओ के आध्यत्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को अपनी आस्था के प्रतीक राम की प्रतिमा के बजाय तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेट कर बुरे फसे है .मुख्यमंत्री द्वारा दोनों अतिथियों को तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेट करने को लेकर सोसल मीडिया पर सवाल उठ रहा है .

वरिष्ठ पत्रकार अशोक दास ने अपने वाल पर लिखा है कि ये दोनों तस्वीरें बीते 48 घंटे की है. एक में अयोध्या विवाद में जबरन टांग घुसा कर “राम” की राजनीति करने वालों के निशाने पर आए श्री श्री हैं, तो दूसरे में दुनिया के सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स। दोनों तस्वीरों में जो कॉमन आदमी हैं वो हैं “राम भक्त” और यूपी के मुख्यमंत्री योगी.

खैर, यहां मुद्दा ये नहीं है. मुद्दा है दोनों तस्वीरों में योगी द्वारा श्री श्री और बिल गेट्स को दी जाने वाली तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा. हिंदुओं को इसके विरोध में अपने “जूनियर हिन्दू हृदय सम्राट” के खिलाफ मोर्चा निकलना चाहिए. ऐसा थोड़े न होता है कि तुम राम के नाम पर दीवाली मनाओ, ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’ का नारा दो, हिंदुओ को बताते रहो की राम मंदिर के लिए तुम कितना संघर्ष कर रहे हो, और जब कोई तुम्हारे घर आये तो उसको राम की बजाए तथागत बुद्ध की प्रतिमा भेंट करो.

तो सनातन धर्म को बचाने के लिए चंदा देने वालों, राम के नाम पर भाजपा को वोट देने वालों और 90 के दशक में अपने घर के दरवाजे पर “मंदिर वहीं बनाएंगे” का स्टीकर चिपकाने वाले हिन्दू बहनों और भाइयों.. बताइये कि योगी जी ने आपके “राजा रामचंद्र” का जो अपमान किया है, और आपकी “रामभक्ति” को जो ठेस पहुंचाई है, उसके लिए उनका विरोध होना चाहिए कि नई होना चाहिए…? राम से ज्यादा बुद्ध को महत्व देने के आरोप में उनको यूपी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए कि नई देना चाहिए??

वही सोवरन सिंह ने लिखा है कि राष्ट्रीय काल्पनिक राम की तुलना अंतराष्ट्रीय बुद्ध से न कीजियेगा?

वही चन्द्र शेखर ने लिखा है कि कमाल है, जीवनभर राम के नाम पर राजनीति करने वाले विदेशी मेहमान को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर रहे है. 33 करोड़ देवी देवताओं में क्या एक भी ऐसा नहीं जिसकी प्रतिमा भेंट की जा सके. अब कहाँ गए हिन्दू धर्म के ठेकेदार, योगी को इसकी सजा जरूर मिलनी चाहिए. लगता है ये खुद ही अयोध्या में बुध विहार बनाने का तैयार है.

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