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रायबरेली: वीडीओ के साथ मिलकर ग्राम प्रधान गरीबों के हक पर डाल रहे डाका

खीरों,रायबरेली। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए शासन की मंशा भले ही मुफलिसी का जीवन गुजार रहे जरूरतमंदों को छत का आश्रा देने की हो किंतु विभागीय जिम्मेदारों व पंचायत प्रतिनिधियों की दुरभिसंधि के आगे यह सपना साकार होता नहीं दिख रहा। शासन स्तर पर तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद आवासों के आवंटन में हो रहे भृष्टाचार के खेल पर रोक नहीं लग पा रही।

भृष्टाचार से जुड़ा कुछ ऐसा ही एक मामला खीरो ब्लाक क्षेत्र के जेरी गांव का प्रकाश में आया है। जहां ब्लाक कार्यालय से अभिलेख जुटाने के बाद एक ग्रामीण ने ग्राम प्रधान द्वारा पंचायत सचिव से सांठगांठ कर आवासों के आवंटन में किए गए घालमेल का खुलासा किया है।
मामले को लेकर शिकायत कर्ता ने विभागीय उच्चाधिकारियों अधिकारियों सहित सूबे के मुख्य मंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

स्थानीय निवासी शिकायतकर्ता बृजेश सिंह पुत्र रामनरेश सिंह ने बताया कि प्रधान द्वारा बडे पैमाने पर फर्जीवाड़ा करते हुए पात्रता सूची में पंजीकरण संख्या व नामों को बदलकर अपने चहेतों व अपात्रो को लाभ दिया गया है। ग्राम प्रधान व वीडीओ पर पूर्व में लाभान्वित हो चुके व अत्यंत बृद्धों को आवास आवंटित कर धन का बंदरबांट व दुरूपयोग करने, एक ही रजिस्ट्रेशन आईडी पर पिता/माता व पुत्रों को आवास देने, एक दशक से अधिक समय से गांव से बाहर रह रहे अपात्रो व कास्तकारों को लाभ दिलाने , आवास स्वीकृत कराकर धनराशि को निर्माण में न लगाए जाने व अतिरिक्त पात्रता सूची की कराई जा रही फीडिंग में मात्र अपने नजदीकियों को शामिल करने का आरोप लगाते हुए घालमेल की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।

नाक के नीचे हो रहा भृष्टाचार का खेल, जिम्मेदार अनजान

वीडीओ के साथ मिलकर ग्राम प्रधान गरीबों के हक पर डांका डाल रहे हैं।जिसके चलते तमाम कावायदों के बाद भी गरीबी का दंश झेल रहे जरूरतमंदों की मुश्किल भरी राहें आसान होती नहीं दिख रही। इन सब के बीच जिम्मेदारों की नाक के नीचे हो रहा भृष्टाचार का खेल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।

पीड़ित नहीं जुटा पा रहे शिकायत की हिम्मत

ग्राम प्रधान की कारगुजारियों से क्षुब्ध शिकायतकर्ता की मानें तो प्रधान के दबाव व धमक के आगे ग्रामीण विरोध जताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। अभी हाल ही में भृष्टाचार के विरोध में आगे आए युवक को प्रधान द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद अपना शिकायती पत्र वापस लेना पड़ा था।  लोगों का मानना है कि इसके खिलाफ आवाज उठाने से उनकी जान जोखिम में पड सकती है।

बोले जिम्मेदार
“इस संबंध में हुई बातचीत में खंड विकास अधिकारी खीरों ने बताया मामला संज्ञान में आया है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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