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सरदार पटेल के सपनो का भारत बनाने हेतु सरदारवादी क्रांति का आगाज ,31 दिसंबर को इलाहाबाद में होगी भारी जुटान

अभिषेक पटेल

लखनऊ .टुकड़ों में बंटी रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोकर भारत को राष्ट्र का स्वरूप देने वाले राष्ट्रनिर्माता सरदार बल्लभ भाई पटेल के विचारधारा को मूर्त रूप देने हेतु लखनऊ में सरदारवादी विचारधारा के अनुयायीयो का जुटान हुआ .देश और किसानो की वर्तमान दशा और दिशा से कुपित सरदारवादी विचार धारा के लोगो ने स्वीकार किया कि खंड -खंड भारत को अखंड बनाने वाले लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जिस प्रकार के समृद्ध भारत की कल्पना को मूर्त रूप देना चाहते थे ,उनकी सोच का भारत १% भी नहीं बन पाया है .भारत की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ किशान समाज आज भी बदहाल जीवन जीने को विवस है जबकि सरदार की सोच किसानो को समृद्ध बनाकर देश को बड़ा उत्पादक राष्ट्र बनाकर दुनिया में परचम लहराने की थी .

सरदारवादी विचारधारा के लोगो ने स्वीकार किया कि देश के किसानो के नेता सरदार बल्लम भाई पटेल के नाम पर इस देश में शियासत करने में किसी भी दल ने अपने आपको पीछे नहीं छोड़ा किन्तु उनकी एकता की सोच को किसी भी दल ने आत्मसात न कर देश को जाति -धर्म में बात कर सिर्फ राजनैतिक रोटिया शेक अपनी राजनीति को चमकाते हुए इस देश के किसानो को भुखमरी की कागार पर पंहुचा दिया .

देश की एकता ,किसानो की दशा और दिशा को सुदृढ़ करने हेतु आज सरदारवादी विचारधारा के लोगो ने वृहद् आत्मचिंतन कर गैर राजनीतिक संघठन के नीव रखने पर जोर दिया और प्रतिज्ञा ली कि जबतक सरदार पटेल के सपनो का भारत नहीं बन जाता तब तक देश में सरदारश्री के विचारो को जन जन तक पंहुचा कर सरदारवादी विचारधारा रुपी क्रांति बुझने नहीं दिया जाएगा .

सरदारवादी विचारधारा के लोगो को संबोधित करते हुए सरदार वादी चिन्तक डा. आर. एस. पटेल ने कहा कि अखंड भारत के निर्माता लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल ने 563 रियासतों का एकीकरण कर विशाल भारत का निर्माण किया वह अद्वितीय है. महात्मा गांधी के साथ बारदोली किसान आंदोलन कर अंग्रेजों को झुकने पर मजबूर कर दिया था, उन्होंने तमाम जाति-धर्मों से ऊपर उठकर त्याग व बलिदान के साथ अपना जीवन राष्ट्र के प्रति अर्पित कर दिया, ऐसे महान पुरूष को हम सदा अपने हृदय में स्थान देंगे.

डा. पटेल ने कहा कि आज जन -जन को जरुरत है कि लौहपुरूष सरदार पटेल के विचारों को अपने अन्दर आत्मसात करें. प्रत्येक व्यक्ति सरदारवादी बने चाहे वह किसी राजनीतिक या सामाजिक दल या पार्टी से हो. डा. पटेल ने कहा कि हमारी सरकार देश को विश्व गुरू बनाने का सपना जनता को दिखा रही वह हास्यस्पद लगता है, क्योंकि हमारा भारत देश कृषि प्रधान देश है यहां की आधी आबादी किसान है और हमारे देश की किसानों की हालात दिन पर दिन बद से बदतर होती जा रही है .ऐसे में जब हमारे देश के अन्नदाताओं की स्थिति यही रहेगी तो देश कैसे विश्व गुरू बन सकता है.

देश भर में फैले सरदारवादी विचारधारा के अनुयायीयो की जुटान 31 दिसम्बर को इलाहाबाद में होने जा रही है .31 दिसंबर को सरदार पटेल महापरिनिर्वाण दिवस को भब्य रूप से मनाते हुए सरदारवादी विचारधारा के लोग देश में सरदारवादी क्रांति का आगाज कर सरदार पटेल के सपनो का भारत बनाने हेतु आन्दोलन को दिशा देंगे .

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