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उन्नाव: मनरेगा में हुए घोटाले में समझौते में लगे जाँच अधिकारी

बीघापुर,उन्नाव। विकास खण्ड की ग्राम सभा मगरायर में मनरेगा कार्यों पिछले दिनों उजागर हुए घपले के लिए बैठाई गई दूसरी समिति ने पुनः स्थलीय जांच मंगलवार को हुई।जांच समिति के अध्यक्ष लोक निर्माण विभाग के अधिषाशी अभियन्ता घोटाले की जांच से ज्यादा षिकायतकर्ताओं को आपसी सुलह समझौता करने पर दबाव देते रहे।

ग्राम सभा मगरायर के संजीव मिश्रा , कपिल तिवारी, सिद्ध किशोर कुशवाहा, बबलू पाण्डेय द्वारा मनरेगा के तहत रमसगरा तालाब की खुदाई व षिवदीन खेड़ा नाला की सफाई में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत ग्राम विकास आयुक्त से की थी।आयुक्त के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी ने मई माह में जिला उपयुक्त मनरेगा शेषमणि सिंह व डीआरडीए के सहायक अभियन्ता इनायत करीम से जांच कराई थी जिसमें दो लाख बयालीस हजार रु0 की धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई थी।आरोपी ग्राम प्रधान ने जांच पर सवाल खड़े करते हुए जिला अधिकारी से दोबारा जांच कराने का पत्र दिया गया ।

लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता ए0पी0 सिंह की अध्यक्षता में जिला उपायुक्त एनआरएलएम निर्मल द्विवेदी व परियोजना अधिकारी नेडा श्यामधर दुबे दूसरी जांच समिति बैठाई गई।दो माह बाद जांच समिति के अध्यक्ष ने गांव में स्थलीय जांच की समिति के अध्यक्ष ने गांव के एक मंदिर में शिकायतकर्ताओं व आरोपी पक्ष को बैठा कर आपसी समझौता करने के लिए आधा घण्टे तक समझाते रहे।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जांच समिति जांच से ज्यादा समझौता करने पर दबाव देती रही।जानकारों का कहना है कि जांच समिति राजनैतिक दबाव में भ्रश्टाचार के मामले में आरोपियों को बचाने का कार्य कर रही है।अधिशाषी अभियन्ता ए0पी0 सिंह ने बताया कि स्थलीय जांच कर ली गई है,अभिलेखों से मिलान कर निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दी जाएगी।

रिपोर्ट: डॉ.मान सिंह

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