You are here

उन्नावः योगी सरकार में बिजली,पानी के लिए तरसते किसानों ने राजमार्ग किया जाम, लगाए सरकार विरोधी नारे

बीघापुर,उन्नाव। बिजली,पानी की माँग को लेकर मंगलवार उन्नाव लालगंज राजमार्ग को इन्दामऊ चैराहे पर क्षेत्र के किसानों व ग्रामीणों ने जाम कर दिया और सरकार तथा बिजली विभाग के खिलाफ घण्टों नारेबाजी की।

बताते चलें कि बीघापुर क्षेत्र में बिजली की दषा बेहद खराब है,जिसके चलते किसानों की खड़ी धान की फसल सूखने के कगार पर है तो साथ ही ग्रामीणों के लिए रोटी का भी संकट आ गया है।बिजली न आने से रोटी के लिए गेहूं भी नहीं पिस पा रहा है। नदियों में बाढ़ के हालात रहे उसके बाद भी क्षेत्र की नहरें सूखी रहीं।कम बारिष के कारण क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।उस पर सरकारी रवैये से बिजली भी नहीं मिल पा रही है।किसी तरह कर्ज लेकर किसानों ने धान की रोपाई तो कर ली किन्तु अब पानी के अभाव में फसल को बचाना बड़ी चुनौती है।लगातार अधिकारियों और सत्ताधीषों से किसान नहर में पानी की मांग करते रहे किन्तु उन्हें आष्वासनों के सिवा आज तक मिला कुछ नहीं।वहीं क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यास्था ने कोढ़ में खाज का काम कर दिया है।परेषान हो कर ग्रामीणों व किसानों ने राज मार्ग जाम कर दिया और मांग करते रहे कि जब तक बिजली की समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।किसनों की हजारों बीघे धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने की कगार पर है तो कुटीर व लघु उद्योग की बन्द हो चुके हैं।इससे पनपे आक्रोश ने सड़क जाम का रूप ले लिया।राज मार्ग के दोनों ओर कई किमी तक भारी जाम लगा रहा।मौके पर पहुँची बीघापुर थाना, बिहार थाना व बारासगवर थाना पुलिस के साथ क्षेत्राधिकारी बीघापुर ने आक्रोषित लोगों को समझा कर जाम खुलवाना चाहा परन्तु ग्रामीण व किसान और आक्रोशित हो गए और सरकार तथा बिजली विभाग के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।

कुछ देर में युवक कांग्रेस के प्रदेष अध्यक्ष अंकित परिहार ने जाम लगाए किसानों व ग्रामीणों के बीच पहुंचे तो उनका उत्साह और दूना हो गया और अंकित भी ग्रामीणों के साथ चिलचिलाती धूप में सड़क पर ही बैठ गए और बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर आने की मांग कर समस्या का निस्तारण करने की बात कहते रहे। काफी देर के बाद मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के एसडीओ बीघापुर आर के मिश्रा को देख कर जाम लगाए ग्रामीण महिलाएं और आक्रोषित हो गईं और सरकारी तंत्र तथा बिजली विभाग को गालियां तक देती रहीं।अंकित परिहार के समझाने पर ग्रामीण षान्त हुए,एसडीओ से जब अंकित ने व्यवस्था सुधारने की बात कही तो उसने कहा कि उपकेन्द्रों पर भार अधिक है,नए उपकरणों की आवष्यकता है जिसके लिए लभगग 1 करोड़ रु0 की जरूरत है।इस पर अंकित परिहार ने कहा कि जिस सरकार के पास किसानों के लिए 1 करोड़ का बजट नहीं है उस सरकार से किसान हित की बात करना बेमानी है।यदि 1 करोड़ से व्यवस्था सुधर जाती है तो हम किसान अपनी जमीनें बेच कर सरकार को पैसे देने के लिए तैयार हैं।

एसडीओ से अंकित परिहार की हुई वार्ता में एसडीओ ने 15 दिन में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठीक कर दी जाने की बात कही। तब तक 4 घण्टे दिन व 4 घण्टे रात में बिजली रोस्टिंग में दी जाएगी। लगभग ढाई घण्टे तक लगा जाम दोपहर बाद 2 बजे समाप्त हो गया।अब देखना होगा कि 15 दिन बाद व्यवस्था सुधरती है अथवा नहीं या फिर सरकारी जुमला ही साबित होगा।

रिपोर्टः डाॅ0 मान सिंह

इसे भी पढ़े –

(खबर कैसी लगी बताएं जरूर. आप हमें फेसबुक, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो भी कर सकते हैं.)




इसे भी पढ़े -

Leave a Comment