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उन्नाव: सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग से हुई बेसहारा माता पिता की मदद

? एनसीआर से जयपुर तबादले के बाद हो गयी थी युवक की मौत

? गाँव में अकेले रह गए उसके विकलांग माता पिता

बीघापुर,उन्नाव। किसी अपरिचित की मदद के लिए सोशल मीडिया का बेहरत उपयोग कैसे किया जा सकता है , इसका उदाहरण प्रस्तुत किया है राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के इंडस्ट्रियल इंजीनियर्स एनसीआर ह्वाट्सएप ग्रुप ने।

तहसील बीघापुर क्षेत्र के बारा सगवर थाना के टेढ़ा गाँव निवासी अमर जीत पुत्र राजकिशोर 5 वर्ष पहले गुड़गांव इंडस्ट्रियल इंजीनियर बाबुल सिंह के पास राधनिक कम्पनी में अधिशाषी अभियंता के रूप में काम करता था, एक वर्ष पूर्व उसे जयपुर तबादला कर दिया गया। जयपुर में लगभग एक वर्ष नौकरी करने के बाद ही वह गम्भीर बीमारी का शिकार हो कर असमय मौत के मुह में 5 सितम्बर को चला गया। और टेढ़ा गाँव में अपने विकलांग पिता और माता को अकेला छोड़ गया। अपने माता पिता की अकेली संतान अमर जीत ही माता पिता का सहारा था।उसकी असमय मौत के बाद माता पिता पर जीविका का भी संकट आ गया।

उसके पूर्व कम्पनी प्रबन्धक बाबुल सिंह ने अमर दीप के माता पिता को आर्थिक मदद के लिए पहल की और अपने इंजीनियर्स ग्रुप पर जुड़े एनसीआर क्षेत्र के सभी 256 सदस्यों से अपील की कि आप अभी थोड़ा थोड़ा रुपया इकट्ठा कर अमर जीत के असहाय विकलांग पिता और माता को भेजा जाए।

शुक्रवार को मृतक अमर जीत के घर जा कर इंजिनियर्स ग्रुप के दो सदस्य प्रशान्त सिंह व चंद्रेश्वर सिंह दिल्ली से टेढ़ा आ कर 65 हजार रुपये की चेक प्रदान की।वास्तव में यह आज के युग में सच्ची मानवता का उदाहरण है।

रिपोर्ट: डॉ. मान सिंह

(लेखक महेन्द्र यादव मध्य प्रदेश निवासी वरिष्ठ पत्रकार हैं, )

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