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उन्नाव:जंगल में तब्दील हो चुके ब्रिटिश कालीन डाक बंगले के आए अच्छे दिन

?बीघापुर नहर विभाग के डाक बंगले की साफ़ सफाई हुई शुरू

बीघापुर,उन्नाव। नगर पंचायत बीघापुर सर्किल में बना शारदा नहर का डाक बंगला लम्बे समय से अराजक तत्वों का अड्डा बना हुआ था ।साथ ही घने जंगलों में तब्दील हो चुका था और अवैध कार्यों का सुरक्षित स्थान बन गया था। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित के निर्देश पर डेढ़ दशक बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए तो बंगले के दिन बहुर गए हैं। 2 दिनों से बंगले मंे खड़े जंगल को साफ किया जा रहा है। मुख्य भवन मे पानी बिजली जैसी सुविधा शुरू हो चुकी है और रंग-रोगन करके शीघ्र ही डाक बंगला मेहमानों के व विभागीय अधिकारियों के ठहरने के लिए तैयार हो जाएगा। ब्रिटिश कालीन इस डाक बंगले में एक वक्त वह भी रहा जब अंगेजी शासन में परिंदा पर नहीं मार सकता था।परन्तु अंग्रेजों के जाने के बाद यह खूबसूरत डाकभवन बदहाल होता चला गया।कभी अंग्रेज अपनी कचेहरी तक इसी में लगाते रहे हैं।



2003 में संत मोरारी बापू की राम कथा के समय डाक बंगले की साफ सफाई की गई थी और मुरारी बापू भी इसी बंगले में 10 दिनों तक रुके हुए थे। इसके बाद बंगला विभागीय अधिकारियों ने लावारिस छोड़ दिया। मौजूदा समय में 10 एकड़ में फैला बंगला घने जंगल का रूप ले चुका था। कई वर्षों से अराजकतत्व व अवैध कार्य करने वाले बंगले को अपनी शरणस्थली बना चुके थे।लगभग 7 माह पूर्व नहर विभाग के मेट गोवर्धन का शव घने जंगल के बीच पाया गया था। पिछले सप्ताह विधानसभा अध्यक्ष से क्षेत्र के लोगों ने बीघापुर व बक्सर डाक बंगला की बदहाली की बात बताई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने शारदा नहर के मुख्य अभियंता को डाकबंगले की साफ-सफाई करा कर विभागीय अधिकारियों व अतिथियों के प्रयोग के लिए तैयार किए जाने का निर्देश दिया गया। मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधिषासी अभियंता ने डाक बंगले में साफ-सफाई व मुख्य भवन में अतिथि रुकने की सारी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का आदेश दिया। 2 दिनों से साफ सफाई का काम चल रहा है और मुख्य भवन में बिजली की वायरिंग, पेयजल के लिए सबमर्सिबल जैसी सुविधाएं हो चुकी हैं ।अवर अभियंता अनुज ने बताया की मुख्य भवन की सफाई के साथ पुताई कराकर कक्षों में आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हो जाएंगी जिससे विभाग के उच्च अधिकारी या प्रदेश सरकार के अतिथि गण रुक सकेंगे । परिसर में निर्मित भवन व बाउंड्रीवाल की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है।



क्षेत्रीय लोंगो का कहना है कि नहर में पानी तो नहीं आया लेकिन जंगल में तब्दील हो चुके इस डाक बंगले के अच्छे दिन तो आए,स्वयं के लिए ही सही।

रिपोर्ट: डॉ. मान सिंह

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