You are here

यादव महिला द्वारा खाना बनाने पर पंडित का हुआ धर्म भ्रष्ट ,मुकदमा दर्ज

महाराष्ट्र.राम और गंगा के नाम पर हिंदुत्व का अलख आर एस एस चला रही है,भाजपा के नेता राजनैतिक रोटी सेकने हेतु दलितों के घर जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे है किन्तु आज एक सवर्ण समाज की महिला ने घर में खाना बनाने वाले
पर धर्म भ्रष्ट करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाया है .हिन्दू धर्म में एकता का शंखनाद करने वाले संघियों को अब यह नहीं दिखाई दे रहा है ,जिसकी बहस सोसल मीडिया पर हो रही है .

बताया जा रहा है कि मौसम विभाग की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके कुक यानी खाना बनाने वाले ने अपनी जाति छुपाकर उसका धर्म भ्रष्ट कर दिया है.पुणे पुलिस ने मौसम विभाग वैज्ञानिक मेधा खोले की शिकायत पर खोले की कुक निर्मला यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है.

मौसम विभाग की वैज्ञानिक मेधा खोले ने पुलिस को बताया कि उसको घर के धार्मिक आयोजन में एक ब्राह्मण जाति का रसाईया चाहिए था और इसने खुद को ब्राह्मण बताकर मुझे धोखा दिया है.खोले के मुताबिक 2016 नौकरी की तलाश में निर्मला यादव उससे मिली.मुलाकात के दौरान उसने अपना नाम निर्मला कुलकर्णी बताया.महाराष्ट्र में कुलकर्णी ब्राह्मण जाति होती है. निर्मला ब्राह्मण है या नहीं, उसकी जांच के लिए मेधा 2016 में उसके घर भी गयीं. उसके बाद निर्मला त्योहारों या दूसरे आयोजनों पर खाना बनाने जाने लगीं.

लेकिन पिछले हफ्ते वैज्ञानिक महिला अधिकारी मेधा खोले को पता चला कि निर्मला यादव है तो वह आपे से बाहर हो गयीं. इस तथ्य को जांचने फिर एक बार वैज्ञानिक महिला पिछड़ी जाति की महिला के फिर एक बार घर गयीं.वैज्ञानिक महिला का आरोप है कि जब वह निर्मला यादव के घर जाति जांच के लिए पहुंची तो उसने गालियां दीं और खदेड़ दिया।

पिछड़ी जाति की यादव महिला के हाथों का खाना खाकर भ्रष्ट हुए धर्म के अपराध में पुणे के सिनहद पुलिस स्टेशन की पुलिस ने ब्राह्मण महिला वैज्ञानिक मेधा खोले की ओर से धारा 419, 352 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.

शिकायत के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने सिंघड़ थाने पर निर्मला यादव को बुलाया तो पता चला कि मूल रूप से पूणे की ही रहने वाली 55 वर्षीय निर्मला पूणे के ही धायरी इलाके की झुग्गी बस्ती में रहती हैं. उनके पति गुजर चुके हैं और बच्चे साथ में नहीं रहते. वह घरों में चौका—बर्तन करके अपना पेट पालती हैं.

थाने में अपना पक्ष रखते हुए निर्मला ने पुलिस को बताया था कि उनको मेधा खोले के घर काम किसी के माध्यम से मिला था और उस वक्त जाति आदि की कोई बात नहीं हुई थी. निर्मला ने माना कि वह खोले के यहां कभी धार्मिक आयोजनों या अन्य अवसरों पर खाना बनाने जाती थी.

इसे भी पढ़े –

 

(खबर कैसी लगी बताएं जरूर. आप हमें फेसबुक, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो भी कर सकते हैं.)




इसे भी पढ़े -