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पांचवें चरण में बलात्कारी ,हत्यारे और अपहरणकर्ताओं के भाग्य का फैसला करेंगे मतदाता

लखनऊ .उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान 27 फरवरी को होगा. इस बार 11 जिलों की 51 सीटों पर वोटिंग हो रही है. पांचवें चरण में बलरामपुर, गोण्डा, फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, अमेठी और सुल्तानपुर में मतदान होगा.

इस बार कुल 617 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार 168 उम्मीदवार करोड़पति हैं. धनबल-बाहुबल के इस चुनावी रण में बसपा की तरफ से सबसे ज्यादा दागी और करोड़पति उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं. बसपा से 43 ,भाजपा से 38, समाजवादी पार्टी से 32 और कांग्रेस के 14 करोड़पति गरीवो के हितो का दावा कर चुनावी मैदान में हैं.

पांचवें चरण के सबसे अमीर उम्मीदवारों में भाजपा के अजय प्रताप सिंह ने 49 करोड़ तो मयंकेश्वर शरण सिंह ने 32 करोड़ संपत्ति हैं जबकि कांग्रेस की अमिता सिंह ने 36 करोड़ की संपत्ति जगजाहिर किया हैं. 365 उम्मीदवारों ने इनकम टैक्स तो 156 उम्मीदवारों ने अपने पैन को सार्वजनिक करने भी उचित नहीं समझा है.

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार मैदान में हैं. बसपा से 23 ,भाजपा से 21, समाजवादी पार्टी से 17, कांग्रेस से 3, रालोद से 8 दागी उम्मीदवार उत्तर प्रदेश को अपराधमुक्त ,भ्रष्टाचार मुक्त का नारा देकर इस बार चुनावी रणछेत्र में अपना भाग्य अजमा रहे है. निर्दलीय ताल ठोक रहे उम्मीदवार भी अपराध में पीछे नहीं है . 22 सीटों पर 3 से ज्यादा दागी उम्मीदवार मैदान में हैं. 96 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. 9 उम्मीदवारों पर हत्या , 24 पर हत्या का प्रयास और 8 उम्मीदवारों पर महिला उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं. 4 उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज है.

विधानसभा चुनाव 2012 में 11 जिलों की 51 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम फहराया था. 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीतकर मुकाबले को एकतरफा कर दिया था. जबकि बसपा को 3, कांग्रेस को 5, भाजपा को 5 और पीस पार्टी को 2 सीटें मिली थीं.
अमेठी से अखिलेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की प्रतिष्ठा दांव पर है. गैंगरेप का आरोप लगने के बाद गायत्री प्रजापति के सामने चुनाव जीतने की बड़ी चुनौती है.गिरफ्तारी से बचने के लिये गायत्री प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिस पर 6 मार्च को सुनवाई होगी.
खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने इस दागी मंत्री प्रजापति के लिये रैली कर वोट मांगे हैं. गायत्री प्रजापति अपनी रैलियों में आंसू भी बहा चुके हैं. गायत्री प्रजापति को मुलायम सिंह का करीबी माना जाता है. खनन विभाग में हुए घोटालों के आरोप में प्रजापति पर सीबीआई का शिकंजा कसा तो अखिलेश ने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था.

अमेठी की ही सीट से राज्यसभा सांसद संजय सिंह की पत्नी अमिता सिंह और पहली पत्नी गरिमा सिंह भी आमने-सामने हैं. महलों के भीतर अधिकार की छिड़ी जंग अब चुनाव के जरिये जनता के घरों तक पहुंच चुकी है. जनता का फैसला ये तय करेगा कि अमेठी की असली महारानी कौन है.


इस चरण में अखिलेश सरकार के मंत्री कद्दावर मंत्री राज किशोर सिंह ,पवन पांडे ,शंखलाल माझी ,योगेश सिंह, विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह, तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय तो बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर,पूर्व मंत्री लाल जी वर्मा ,पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी की प्रतिष्ठा भी दाव पर लगा है.

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