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माया मेरी बहन किन्तु वह प्रतिद्वंदी बनने का प्रयास न करें -रामदास अठावले

लखनऊ में एक कार्यक्रम के सिलसिले में पधारे रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा की मैं बसपा सुप्रीमो मायावती को तो अपनी बहन मानता हूं, अगर बहन मेरे पास आती है तो मैं उसको तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी ले जा सकता हूं। अगर मायावती बहन के रूप में आती हैं तो स्वागत है, लेकिन वह प्रतिद्वंदी बनने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा वह यूपी चुनाव में बसपा के दलित वोट काटने नहीं जा रहे हैं। दलित वोट शुरू से ही आरपीआई के साथ रहे हैं, जिसे दिग्भ्रमित किया गया है। आठवले ने कहा कि मायावती अपने को डॉ. अम्बेडकर का अनुयाई मानती हैं, अगर इसमें सत्यता है तो फिर पहले उनको बौद्ध धर्म अपनाना होगा। वह चिल्लाती अधिक हैं,बौद्ध धर्म अपना लेने के बाद सब ठीक हो जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में चुनाव लडऩे की बाबत श्री अठावले ने कहा कि अगर हम मिलकर लड़ेंगे तो उत्तर प्रदेेश में सरकार बनना तय है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश में 20-25 सीट मांगी है। इस बाबत भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही प्रधानमंत्री से वार्ता होनी है।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के सुप्रीमो रामदास अठावले का दावा है कि बीजेपी-आरपीआई गठबंधन से उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनाने में सफल रहेगी। आरपीआई के साथ भाजपा के जुडऩे से तो काफी दलित वोट मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वह आरपीआई के बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर गंभीर हैं। इस गठबंधन से यूपी विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज होगी।

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