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योगी राज : गोलीबाज अधिकारियों की मुश्किल बढ़ी

लखनऊ : सरकार के प्रवक्ता एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से स्पष्ट तौर पर कहा है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टालरेंस की नीति अपनायी जाए। भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार कार्मिकों को केवल चेतावनी देकर कतई न छोड़ा जाए, बल्कि उनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाए।

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उन्‍होंने बताया कि योगी ने कहा है कि मंत्रीगण यह भी सुनिश्चित करें कि विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा गम्भीरता से लेते हुए उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। सभी गांवों में रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आंधी एवं तूफान के कारण यदि कहीं विद्युत तार टूटने या खम्बा गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है तो उसे युद्ध स्तर पर रीस्टोर किया जाए।

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श्री योगी ने प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों को स्वच्छता एवं जलापूर्ति पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की है। उन्होंने सभी नगर आयुक्तों से स्वच्छता पर विशेष अभियान चलाने तथा पालिथीन एवं प्लास्टिक के कप-प्लेट आदि के वैकल्पिक उपयोग पर लोगों का सहयोग प्राप्त करने के लिए कहा है, जिससे नालियों को चोक होने से बचाया जा सके।

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साथ ही, सभी नगरीय निकायों से यह सुनिश्चित कराने के लिए भी कहा गया है कि बरसात से पूर्व सभी नालों की सफाई प्रत्येक दशा में कर ली जाए, जिससे नगरों की जल निकासी व्यवस्था ठीक हो सके। इसी प्रकार जिलाधिकारियों के माध्यम से गांवों की स्वच्छता पर भी काम करने के लिए कहा गया है। इस मामले में जिलाधिकारी ग्राम प्रधान का सहयोग प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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जनता की समस्याओं के समधान के लिए जन-सुनवायी पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि मंत्रियों द्वारा जनपद भ्रमण के दौरान यह भी फीडबैक प्राप्त किया जाए कि जन-सुनवायी के लिए की गई व्यवस्था का जिला प्रशासन द्वारा कड़ायी से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है या नहीं। सभी जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से अपने कार्यालय में प्रातः 09 से 11 बजे तक जनता के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश देते हुए कहा गया है कि मुख्यमंत्री स्वयं इन अधिकारियों को लैण्ड लाइन पर फोन कर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करेंगे।

अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे कैम्प कार्यालय की व्यवस्था तत्काल समाप्त कर अपने कार्यालय में उपस्थित रहें, जिससे जनता को उनसे मिलने में सहूलियत हो। थाना दिवस पर थाना प्रभारी एवं तहसील दिवस पर तहसील प्रभारी द्वारा जनता की समस्याओं को सुनकर तत्परता से उनका समाधान सुनिश्चित कराया जाए। आवश्यकतानुसार मंत्री स्वयं तहसील दिवस में उपस्थित होकर जनता से सीधा संवाद कर उनकी समस्या का समाधान करें।

प्रवक्ता द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री आवास पर जन-सुनवाई के लिए जिन जनपदों से अधिक आवेदन प्राप्त होंगे, वहां के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से इसके सम्बन्ध में सीधी पूछताछ की जाएगी और यह भी माना जाएगा कि उक्त जनपद में जन-सुनवाई एवं समस्याओं के समाधान की व्यवस्था ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसी घटना पर वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर तत्काल पहुंचकर जरूरी कदम उठाने एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराने की अपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे जनता की समस्याओं का तत्परता से समाधान कराएं। उन्होंने जिलाधिकारियों को तहसीलों एवं पुलिस अधीक्षकों को थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं।

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