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वनारस :जीवन दान नहीं मौत देना जानते है काशी के डाक्टर ,शर्मनाक मामला आया सामने

लखनऊ .केंद्र व उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार स्वास्थ्य सुबिधाओ पर अरबो खर्च कर देश व प्रदेशबासियो को उत्तम स्वास्थ्य सुबिधा देने की घोषणा खुले मंचो से करने में नहीं अघाते किन्तु PM मोदी के लोकसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुबिधाओ का हाल सुन कोई भाई व्यक्ति दातो टेल उंगलिया दबा लेगा ,PM के लोकसभा क्षेत्र के डाक्टर मरीजो के जीवनदाता बनने की बजाय मौत देने के कुकर्म में शामिल है .



ताजा मामला के अनुसार कैंट स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आकर अपना हाथ गंवा देने वाले एक मरीज को मंडलीय अस्पताल के कर्मचारियों ने भर्ती कर ईलाज करने की बजाय उसे तड़प तड़प कर मरने हेतु शौचालय में फेंकते हुए उसके कटे हाथ को पास ही कूड़े में फेंक कर अपना असली रूप दिखा दिया .

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जब सांध्य कालीन अखबार में उनकी फोटो देखने के बाद परिजन मंडलीय अस्पताल पहुचे तो वहा घायल मरीज नहीं मिला और वह आशंकित होकर इधर उधर भागदौड़ करने लगे इसी बीच किसी ने बताया कि शौचालय में लावारिस मरीजों को रखा जाता है ,परिजन किसी तरह शौचालय की ओर पहुचे जहा दिलीप को देखकर अवाक रह गए,शौचालय में दिलीप को फेकने पर हंगामा हुआ अौर गंभीर रूप से घायल मरीज को सारनाथ के पास एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया.



औरंगाबाद निवासी दिलीप कुमार बुधवार को घरवालों को बिना कुछ बताये बाहर कैंट रेलवे स्टेशन पहुंच गए,जहा ट्रेन की चपेट में आने से उनका एक हाथ कट गया. जीआरपी ने उन्हें मंडलीय अस्पताल पहुंचाया था किन्तु अस्पताल प्रशासन ने जीवन दान की बजाय मरीज को तड़प तड़प कर मरने हेतु शौचालय में फिकवा दिया था .

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परिजन जब पहुचे तो दिलीप शौचालय की जमीन पर पड़े थे अौर उनका कटा हाथ पास में कूड़े में फेंका हुआ था. परिजनों के हंगामा करने के बाद जुटे अस्पताल कर्मचारियों ने किसी तरह उन्हें शांत कराया. दिलीप को लेकर परिजन सारनाथ स्थित निजी अस्पताल पहुंचे अौर भर्ती कराया. दिलीप के साले सचिन के अनुसार अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि हमारे पास लावारिस मरीजों की देखरेख करने के लिए स्टाफ नहीं है. ऐसे में अगर उन्हें बेड पर रखा जाएगा तो शौच करने पर सफाई करने वाला कोई नहीं होता है. ऐसे में लावारिस मरीजों को शौचालय में ही जमीन में छोड़ दिया जाता है. शौचालय में ही संजय नाम का एक और लावारिस मरीज पड़ा था, जिसके दोनों पैर कटे थे. उसे भी बाहर निकाला गया.



फिरहाल मानवता को शर्मसार करने वाले इस मामले को लेकर दिलीप के परिजन आज जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत करेंगे.

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