You are here

31 दिसंबर को पहली बार सरदारवादी विचारधारा क्रांति का आगाज ,किसान व शोषित समाज की होगी महाजुटान

लखनऊ . लौह पुरुष सरदार बल्लब भाई पटेल के 67वे परिनिर्वाण दिवस पर इलाहाबाद में आयोजित सरदारवादी किसान सम्मलेन को एतिहासिक स्वरुप देने के उद्देश्य से सरदारवादी विचारधारा के समर्थक गाव -गाव पहुच कर सरदार पटेल के सपनो का भारत मुद्दे पर बात रखते हुए किसान समाज को एक जुट करने हेतु व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रहे है .

बताया जा रहा है कि सरदारवादी विचारधारा के बैनर तले आयोजित हो रहे किसान सम्मलेन के मार्फ़त क्रांतिकारी धरती इलाहबाद से किसान हितो हेतु कृषि आयोग के साथ ही मूलनिवासी बंचित समाज के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर बड़े संघर्ष का एलान किया जाएगा . सरदारवादी चिंतको का कहना है कि लौह पुरुष सरदार पटेल का देश के तमाम जाति-धर्मों को एक साथ समानता एवं एकीकरण के उद्देश्य से लेकर भारत को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनाने का इरादा था. सरदार साहब की विचारधारा भारत को दुनिया का सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देश बनाना था. उनका लक्ष्य था कि हिन्दुस्तान में किसानों के कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाय जिससे कि देश के किसान पुरी दुनिया में खुद को गौरन्वावित कर सके. सरदार पटेल के पूरे जीवन काल में किये गये कार्य को पढ़ा जाय ,सच तो यह है कि सरदारवादी वादी विचारधारा से ही अन्य विचारधारा का उद्भव हुआ है .

सरदारवादी विचारधारा का गाव -गाव पहुच कर प्रचार कर रहे चिंतको ने कहा कि जिस प्रकार लौहपुरूष सरदार बल्लभभाई पटेल ने हिन्दुस्तान का नक्शा दुनिया के सामने प्रस्तुत किया वह अतुलनिय है, वह शायद और कोई नहीं कर सकता था. उन्होंने देश को विश्व गुरू बनाने का सपना देखा था, हम सभी लोग मिलकर उनके सपनों को पूरा करने का इसलिए आज जो देश के सामने स्थिति बनी है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें उनके विचारो पर चलकर उनके सपनों का भारत बनाना होगा.सरदार पटेल जी ने देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का प्रयाश करने वाले लोगो ,संघठनो पर प्रतिबन्ध लगाकर देश की एकता को बचाने का काम किया था किन्तु आज सरदार साहब द्वारा प्रतिबंधित संघठनो के लोग बड़ी चालाकी से देश में भाईचारे को खत्म कर देश की सत्ता पर कब्ज़ा कर किसानो ,नौजवानों व शोषित समाज के साथ छल कर रहे है ,देश के पिछड़े ,दलित व नौजवान उन ताकतों के कुचक्र में फस देश की दशा और दिशा पर मंथन नहीं कर पा रहे है .

चिंतको ने कहा कि लौह पुरुष सरदार बल्लब भाई पटेल के 67वे परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित इस सम्मलेन के मार्फ़त सरदारवादी विचारधारा के लोग देश की एकता -अखंडता समेत किसान ,नौजवान व शोषित समाज के हक़ और हुकूक के लिए नई क्रांति का आगाज करेंगे .

गाव -गाव पहुचकर सरदार के विचारो की अलख जगाने हेतु डॉ आर एस पटेल ,डॉ जगदीश्वर पटेल ,इंद्रजीत पटेल, एमपी सिंह, रामसूरत पटेल , फूल सिंह, वृज लाल वर्मा ,समरबादुर पटेल जिला पंचायत सदस्य, जयप्रकाश पटेल प्रधान, संदीप पटेल, राकेश वर्मा, गोविन्द सिंह पटेल, मंगलम वर्मा, हरिशंकर विश्वकर्मा, रमेश राजभर, रामप्रकाश बिन्द, सोहन विश्वकर्मा, सौरव पटेल,सुरेश, सुधीर समेत सैकड़ो सरदारवादी गावो में रात्रि प्रवास कर रहे है .

न्यूज़ अटैक हाशिए पर खड़े समाज की आवाज बनने का एक प्रयास है. हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए हमारा आर्थिक सहयोग करें .

न्यूज़ अटैक का पेज लाइक करें –
(खबर कैसी लगी बताएं जरूर. आप हमें फेसबुक, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो भी कर सकते हैं.)






इसे भी पढ़े -

Leave a Comment