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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गड्ढा मुक्त प्रदेश का दावा फेल


लखनऊ .उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के पूर्ण बहुमत वाली सरकार के सत्ता की चाभी हाथ में लेते ही  उत्तर प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की घोषणा कर दिया .योगी के  बोलने में इतना जोश था कि समय भी तय कर दिया गया 15 जून यानि आज ही का दिन. आज समय पूरा हुआ तो सोशल मीडिया पर ये सवाल तैर रहा है कि योगी जी आज 15 जून है क्या हुआ आपके गड्डामुक्त उत्तर प्रदेश का .ये बात एकदम सही है कि किसी भी काम को करने में वक्त लगता है.लेकिन सवाल वक्त नहीं आपकी सरकार की जुमलेबाजी का है. किसी बात को इतना बढ़ाकर चढ़ाकर भाषण देंगे तो लोग सवाल करेंगे ही.

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1लाख 21 हजार 816 किलोमीटर सड़क को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य तय था. इसे पूरा करने की जिम्मेदारी 9 विभागों को दी गई थी. अब .ये बात निकलकर आ रही है कि सभी विभागों के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध ही नहीं कराई गई थी.यूपी सरकार का सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने का दावा फिलहाल फेल होता नजर आ रहा है. PWD ने 10 हजार किमी सड़कों के लिए अभी 15 दिन का और समय मांगा है. प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने शासन को पत्र लिखकर उक्त समय की माग किया है . 85 हजार में से 75 हजार किमी करनी थी सड़के गड्ढा मुक्त. 1.21 लाख किमी में से आधी सड़के ही गड्ढा मुक्त हो पाई हैं.

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PWD के अलावा आधा दर्जन विभाग गड्ढा मुक्ति में असफल साबित हुए हैं. सिंचाई विभाग तो अभी तक काम ही नहीं शुरू कर पाया है. जबकि नगर निगम भी अभी मात्र 17 प्रतिशत ही निर्माण करा सका है. गन्ना विभाग 3716 के सापेक्ष 465 किमी. ही बना सका है सड़क.अन्य विभागों का भी हाल देखिए.

मंडी परिषद 10193 के सापेक्ष 2090 किमी ही बना सका सड़क

पंचायतीराज विभाग 3890 के सापेक्ष मात्र 390 किमी ही बनी सड़क

राष्ट्रीय राजमार्ग ने 189 के सापेक्ष 133 किमी सड़कें ही ठीक की

 

मुख्यमंत्री योगी ने  घोषणा कर दी किन्तु  विभागों के पास उपलब्ध ही नहीं थी राशि-

सीएम योगी की घोषणा के अनुरूप पूरे यूपी की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 4500 करोड़ रुपये की जरूरत थी. जबकि ये बात निकलकर आ रही है कि विभागों के पास केवल 20 प्रतिशत ही धनराशि उपलब्ध थी.

बहरहाल आंकड़े बता रहे हैं कि अभी तक महज 55 फीसदी ही काम हो पाया है. लेकिन सरकार का दावा कुछ और ही है और वो खुद अपनी पीठ थपथपा रही है जबकि राजधानी लखनऊ में अभी भी ऐसे ऐसे गद्दे बाकी है जिस में फसने से इंसान की जान भी जा सकती है

 

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