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क्या सुप्रीम कोर्ट से बड़ी है करणी सेना ,नेता बोले – गर्दन कट सकती है, फांसी चढ़ सकते हैं, माफी हमारी किताब में नहीं

नई दिल्ली .देश में भाजपा कि सरकार बनने के बाद से ही सामन्तवादी ताकते पर फैला रही है ,मार -काट की बात करना इन ताकतों के लिए आम बात हो गया है .सुप्रीम कोर्ट ने निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को पूरे देश में रिलीज करने का आदेश दिया है इसके बावजूद स्वम्भू संघठन करणी सेना ने फिल्म का विरोध करना बंद नहीं किया है.

गुरुवार 18 जनवरी 2017 को बिहार के कुछ सिनेमाघरों में इन प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की है. करणी सेना से जुड़े कुछ लोगों ने फिल्म रिलीज होने पर बुरे हालात पैदा करने की धमकी तक दे दी है. सेना के नेता तो यहां तक कह रहे हैं कि गर्दन कटा सकते हैं लेकिन माफी नहीं मांगेंगे ,लिहाजा मीडिया में अब इस बात की चर्चा है कि क्या करणी सेना सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है. न्यूज 18 इंडिया के एंकर अमीष देवगन ने भी अपने कार्यक्रम आर-पार में इस मुद्दे पर बहस बुलाई कि क्या सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है करणी सेना.

प्रोग्राम में एंकर अमीष देवगन ने कहा कि आप धमकी दे रहे हैं, कानून और सुप्रीम कोर्ट को चैलेंज कर रहे हैं और उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो उपद्रवी हैं. एंकर ने कहा, आप माफी मांगिए. इस पर करणी सेना के महासचिव सूरजपाल अम्मू बिफर पड़े. उन्होंने कहा कि “गर्दन कट सकती है, फांसी चढ़ सकते हैं, माफी हमारी किताब में नहीं है , हम माफी नहीं मांगेंगे. माफी मांगनी है तो संजय लीला भंसाली माफी मांगे जिसने यह फिल्म बनाई है. सूरजपाल ने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने इतिहासकारों का अपमान किया है.

सनद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो इस फिल्म को रिलीज होने से क्यों रोका जा रहा है? साथ ही सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है, फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने एमपी, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है. यह राज्य अपने यहां फिल्म को रिलीज करने के खिलाफ हैं. ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को रिलीज होनी है. फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया जाएगा
.

पद्मावत’ पर बैन हटने से भाजपा की राज्य सरकारे  नाराज 

देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका का हवाला देकर ‘पद्मावत’ फिल्म पर बैन लगाने वाले भाजपा  शासित राज्य सुप्रीम कोर्ट के बैन हटाने के निर्देश से नाराज हैं. राजस्थान और गुजरात के गृह मंत्रियों ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश हैं और इसके खिलाफ अपील के लिए रास्तों की तलाश कर रहे हैं.

हरियाणा के मंत्री अनिल विज का कहना था कि उनकी सरकार फैसले के खिलाफ अपील करेगी. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने लोगों को इस फिल्म के गाने बजाने के खिलाफ भी चेतावनी दी.भाजपा की सरकार वाले गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आधिकारिक या गैर-आधिकारिक तौर पर फिल्म की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाया था.

पद्मावत का लंबे समय से विरोध कर रही करणी सेना के लोकेन्द्र सिंह ने अदालत की अवमानना का जोखिम उठाते हुए देशभर में सामाजिक संगठनों से फिल्म की रिलीज न होने देने को सुनिश्चित करने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद गुरुवार को मुजफ्फरपुर में एक सिनेमा हॉल में तोड़फोड़ की गई. राजस्थान सरकार के सूत्रों का कहना है कि राज्य में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स, मॉल मालिक और एग्जिबिटर्स हिंसा की आशंका के चलते फिल्म दिखाने से बच सकते हैं.

भाजपा की राजस्थान यूनिट ने प्रदर्शनकारियों का पक्ष लिया है. भाजपा  और आरएसएस के नेताओं का दावा है कि पार्टी प्रदर्शनों को लेकर चिंतित है और इसका इस महीने के अंत में होने वाले उप चुनावों या वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है. नेताओं ने कहाकि  इतिहास को इस तरह नहीं दिखाया जा सकता जिससे किसी हस्ती की प्रतिष्ठा के साथ समझौता हो. यह एक महिला के बारे में है जो दुर्भाग्य से एक क्रूर हमलावर की कल्पना का हिस्सा थी. बहुत से राजपूत संगठनों का मानना है कि फिल्म में इस तरह दिखाया जाना पद्मावती की प्रतिष्ठा के लिए ठीक नहीं है.

दूसरी ओर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के एडवाइजरी पैनल में मौजूद इतिहासकारों के अनुसार यह फिल्म इतिहास नहीं बल्कि मलिक मोहम्मद जायसी की कविता की एक व्याख्या है. CBFC ने फिल्म के निर्माताओं को यह डिस्क्लेमर जोड़ने के लिए कहा है कि फिल्म इतिहास को प्रदर्शित नहीं करती. निर्माताओं ने इसका पालन किया है और घूमर गाने में सुझाए गए बदलावों के साथ ही फिल्म की ऐतिहासिक सटीकता को लेकर संदेह दूर करने के लिए अन्य परिवर्तन भी किए हैं.

फिरहाल अब इस बात कि चर्चा होनी शुरू हो गई है  कि अपरोक्ष रूप से भाजपा व संघ का करणी सेना को समर्थन है ,फूलन देवी पर बनी फिल्म बैडिट क्वीन का विरोध न करने वाले संघठन व पार्टी आज करणी सेना का खुला समर्थन कर रहे है .

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