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उन्नाव: निजी पैथोलॉजी,झोलाछाप डॉक्टरों व कथित ख़बरनवीसों ने बिना तत्थ्य के स्वाइन फ्लू की अफवाहबाजी से दहशत

बीघापुर,उन्नाव। क्षेत्र में मौसम के उतार चढ़ाव से लोगों में सामान्य वाइरल बुखार को हौउवा बना कर निजी पैथोलाॅजी व झोलाछाप डाक्टरों की साठ गाँठ से जहाँ मरीजों को समय पर उचित इलाज न मिल पाने के कारण जान जा रही है वहीं कुछ बड़े अखबारों ने बिना पुश्टि के अन्य बीमारियों के कारण हुई मौतों को स्वाइन फ्लू से हुई मौत की खबर बना कर दहशत फैलाने का कार्य कर दिया है।




मामला बीघापुर कस्बे के वार्ड नं0 2 गांधी नगर निवासी 25 वर्षीय दीपक पुत्र विनोद बाजपेयी की षनिवार को हुई मौत से जुड़ा है।बुखार के कारण पहले आस पास के झोलाछापों से इलाज कराता रहा।जब ठीक नहीं हुआ तो परिजन उसे कानपुर के किसी निजी अस्पताल ले गए, वहां भी जब ठीक नहीं हुआ तो षनिवार को लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी।इसी खबर को कुछ प्रमुख अखबारों ने मौत के कारण की बिना पुश्टि किए स्वाइन फ्लू से हुई मौत करार देते हुए क्षेत्र में दहषत फैलाने का कार्य कर दिया है।




रविवार को जिला अस्पताल से आई स्वास्थ्य टीम जिसमें डाॅ0 संजय कुमार, फार्मासिस्ट रोहित बाजपेयी, संजय बहादुर सिंह आदि ने मृतक के घर जाकर पूरी जानकारी ली जिनका कहना है कि मृतक के परिजनों के पास ऐसी कोई जांच के कागजात नहीं मिले जिससे यह स्पश्ट हो कि मौत का कारण स्वाइन फ्लू है।पता नहीं ऐसी गैर जिम्मेदारी से अखबारों ने खबर चला कर क्षेत्र में दहषत फैलाने का कार्य क्यों कर रहे हैं।वहीं बीघापुर क्षेत्र के सगवार में हुई 45 वर्षीय कमलेश कुमार पुत्र सन्त लाल की मौत को भी अखबार स्पष्ट रूप से स्वाइन फ्लू से हुई मौत लिख रहा है।जब कि निरीक्षण करने गई स्वास्थ्य टीम का कहना है कि मृतक के परिजनों ने जो जांचें दिखाईं उनमें मृतक का लीवर, किडनी व फेफड़े खराब होना बताया गया है और इसी बात से मौत होने की पुष्टि करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिया गया है।वहीं खास बात यह है कि दोनों ही मृतकों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ और खबरनवीसों ने स्वाइन फ्लू से मौत होने की पुष्टि कर डाली। अब ऐसे में झोलाछाप डाक्टरों, निजी पैथोलाजियों की फर्जी जांच रिपोर्टों के आधार व गैरजिम्मेदार खबरनवीसों की खबरों ने जिस तरह से क्षेत्र में दहशत फैलाने का कार्य किया है,इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल टीम भेज कर हकीकत की परख करते हुए लोगों को अनावश्यक परेशान न होने की बात कही है।साथ ही कहा कि झोलाछापों के चक्कर में न पड़ें विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास जाकर कर ही इलाज कराएं।

रिपोर्ट: डॉ.मान सिंह

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