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लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में बम्पर धांधली

लखनऊ। यूपी लोकसेवा आयोग में फेल-पास का नया कारनामा सामने आया है. पीसीएस, 2015 की लिखित परीक्षा में जिस छात्र को पहले अनुत्तीर्ण घोषित किया गया, उसकी उत्तरपुस्तिका में इतने अधिक अंक मिले कि उसका पांच माह बाद मजबूरन गुपचुप तरीके से साक्षात्कार कराना पड़ा, हालांकि इंटरव्यू में वह अनुत्तीर्ण हो गई है. युवती का कहना है कि जानबूझकर उसके साथ ऐसा किया गया. जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सारे दस्तावेज हासिल करने के बाद अब इस मामले को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है.

पीसीएस 2015 की एक महिला अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया.अभ्यर्थी ने आरटीआइ के जरिये अपनी उत्तरपुस्तिकाएं देखने का अनुरोध किया. तब आयोग के अफसरों ने उसे कई उत्तरपुस्तिकाएं दिखाईं लेकिन उनमें से एक भी महिला अभ्यर्थी की नहीं थी. महिला अभ्यर्थी ने आयोग के सचिव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया. इस पर हरकत में आए अफसरों ने उसे कॉपी देखने के लिए बुलाया.

इस बार उसी अभ्यर्थी की कॉपी दिखाई गई, उसमें चौंकाने वाली बात यह थी कि अभ्यर्थी ने मुख्य परीक्षा में इतने अंक हासिल किए थे कि वह तय कटऑफ मार्क्‍स से ऊपर आ गई. यह प्रकरण छिपाने के लिए अफसरों ने बीते 16 फरवरी को महिला अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाया और 22 फरवरी को एक पत्र भेजकर अभ्यर्थी को अंतिम रूप से असफल घोषित कर दिया.

पीसीएस 2015 की हुई दोबारा परीक्षा : पीसीएस 2015 की परीक्षा 530 पदों के लिए हुई थी. 29 मार्च, 2015 को इसकी प्रारंभिक परीक्षा हुई.उसमें पेपर लीक होने का आरोप लगा. इससे यह परीक्षा दोबारा 10 मई, 2015 को फिर कराई गई. मुख्य परीक्षा 29 जून से 16 जुलाई तक हुई. एक दिसंबर, 2015 को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आया और एक मार्च, 2016 को अंतिम रिजल्ट आया.

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