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BHP नेता प्रवीण तोगड़िया बोले : मेरे एनकाउंटर की रची गई थी साजिश ,साजिस कर्ता कौन ?

एक वक्त ऐसा भी था जब पीएम मोदी और तोगड़िया गहरे दोस्त हुआ करते थे और दोनों एक ही स्कूटर से आरएसएस कार्यकर्ताओं से मिलने जाया करते थे, हालांकि वर्ष 2002 में मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनते ही दोनों के संबंधों में कड़वाहट आ गई.

 

नई दिल्ली .पटेल समाज से तालुक रखने वाले वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया की गुमसुदगी ने राजनैतिक तापमान को गर्म किया ही था किन्तु अब तोगड़िया के बयान ने भाजपा को हिला दिया है ,हिंदूवादी संघठनो में भाजपा सरकार के बिरुद्द बगावती तेवर प्रारंभ होने ने की बात सामने आ रही है .प्रवीण तोगड़िया ने खुद यह बात स्वीकार कर लिया है कि वह राजस्थान पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए गायब हुए थे.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवीण तोगड़िया ने दावा किया कि राजस्थान पुलिस ने उनके एनकाउंटर की साजिश रची थी, इसलिए वह खुद वीएचपी दफ्तर से गायब हो गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि वह हिंदू एकता के लिए प्रयास कर रहे हैं, इसलिए उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. अपनी बात कहते हुए तोगड़िया कई बार भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू नजर आ रहे थे.

तोगड़िया ने कहा कि देशभर में सामाजिक गतिविधियों के कारण उनपर कई केस लगाए गए हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे पास उन मामलो की जानकारी भी नहीं है. मुझे अरेस्ट कर के एक जेल से दूसरी जेल भेज कर डराने की कोशिश की जा रही है. ये सिलसिला गुजरात से शुरू हुआ था और मकर संक्रांति के दिन राजस्थान पुलिस का काफिला मुझे गिरफ्तार करने आया. यह हिंदुओं की…मेरी आवाज दबाने के कदमों का एक हिस्सा है.

तोगड़िया ने कहा कि उन्हें राजस्थान पुलिस के आने की जानकारी थी, लेकिन जब उन्हें एक व्यक्ति ने उनके घर में आकर यह बताया कि उनके एनकाउंटर की साजिश रची गई है तो उन्हें शंका हुई. इसके बाद वह अपनी सुरक्षा में तैनात सिक्यॉरिटी को बताकर ऑटो से रवाना हुए थे. तोगड़िया ने कहा कि उन्होंने अपना फोन खुद स्विच ऑफ किया था ताकि पुलिस उनकी लोकेशन न जान सके.

तोगड़िया ने कहा कि मैं सुबह पूजा-पाठ कर रहा था, तभी एक व्यक्ति मेरे रूम में घुसा और कहा कि आप तुरंत घर छोड़ दो, आपका एनकाउंटर करने वाले हैं. मैंने ध्यान नहीं दिया बाहर दो पुलिस वाले थे. तब तक थोड़ी देर में फोन आया और कहा गया कि 16 पुलिस स्टेशनों से राजस्थान पुलिस का काफिला निकला है गुजरात पुलिस के सहयोग से, मैं तुरंत बाहर निकला. मैंने पुलिसवालों से कहा कि मैं कार्यालय छोड़कर जा रहा हूं. नीचे उतरा ऑटो रिक्शा पकड़ा.

तोगड़िया ने दावा किया कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से भी बात किया तो उनसे कहा गया कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. अगर आपकी गिरफ्तारी की बात होती तो हमें पता होता. इसके बाद मैंने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया.

तोगड़िया ने बताया कि उन्होंने इसके बाद वकीलों से संपर्क किया और अरेस्ट वॉरंट को हाई कोर्ट जाकर रद्द करवाने को कहा, लेकिन वकीलों की ओर से कहा गया कि अदालत का आदेश है, कैंसल नहीं होगा. इसके बाद मैंने तय किया कि मैं खुद इसके खिलाफ कोर्ट जाऊंगा. मैं फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट की ओर बढ़ा, इस बीच तबीयत बिगड़ गई. चक्कर आने लगा, पसीना आने लगा. इसके बाद मैं बेहोश हो गया. इसके बाद क्या हुआ, मुझे कुछ नहीं पता. यह बात कहते हुए तोगड़िया भावुक हो गए. उनकी आवाज़ भरभराने लगी और आंखों में आंसू आ गए.

पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकार तोगड़िया से लगातार पूछते रहे कि आखिर उनके खिलाफ साजिश कर कौन रहा है, लेकिन उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. आखिर में उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वक्त आने पर वह सबूतों के साथ अपनी बात रखेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी और प्रवीण तोगड़िया के दोस्ती में आई 2002 से खटास

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के सोमवार को अचानक लापता होने से राजनीतिक गलियारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके पिछले 15 वर्षों से तनावपूर्ण संबंधों पर चर्चा शुरू हो गई.  एक वक्त ऐसा भी था जब पीएम मोदी और तोगड़िया गहरे दोस्त हुआ करते थे और दोनों एक ही स्कूटर से आरएसएस कार्यकर्ताओं से मिलने जाया करते थे, हालांकि वर्ष 2002 में मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनते ही दोनों के संबंधों में कड़वाहट आ गई.

अहमदाबाद मिरर के मुताबिक वीएचपी के नेताओं कुछ नेताओं का मानना है कि तोगड़िया के खिलाफ पिछले एक महीने से घटनाक्रम तेजी से बदल रहा था जो राजनीति से प्रेरित और उन्हें ‘नीचा दिखाने की’ साजिश थी. सूत्रों ने बताया कि आरएसएस और बीजेपी दोनों ही चाहते थे कि वीएचपी तोगड़िया को मुक्त करे ताकि वे संघ के बैनर तले नए कार्यक्रम शुरू कर सकें. तोगड़िया ने इसका कड़ा विरोध किया था जिसके फलस्वरूप उनके खिलाफ पुराने मामलों में कार्रवाई तेज कर दी गई.

 

गुजरात के एक वरिष्ठ वीएचपी नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘हाल ही में भुवनेश्वर में वीएचपी के कार्यकारी बोर्ड की बैठक हुई थी। तोगड़िया का अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का कार्यकाल 31 दिसंबर 2017 को खत्म हो रहा था और उनके साथ ही अध्यक्ष राघव रेड्डी का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा था। आरएसएस रेड्डी की जगह वी. कोकजे को अध्यक्ष बनाना चाहता था लेकिन तोगड़िया ने इसका कड़ा विरोध किया और रेड्डी को पद पर बनाए रखने पर जोर दिया।’

गोरक्षा पर तोगड़िया ने की थी कांग्रेस की प्रशंसा
उन्होंने बताया, ‘बाद में तोगड़िया ने एक विशाल सभा को संबोधित किया और कहा कि कुछ नेता उन्हें हटाना चाहते हैं। तोगड़िया ने राम मंदिर और गोरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। यही नहीं उन्होंने गोसेवा के लिए कांग्रेस की प्रशंसा भी की।’ वीएचपी नेता ने कहा, ‘ पिछले 15 दिन में तोगड़िया का नाम दो मामलों में उभरकर सामने आया है। इसमें एक गुजरात और दूसरा राजस्थान से है। गुजरात के 22 साल पुराने मामले में तोगड़िया अपने समर्थकों के साथ कोर्ट गए थे। हालांकि उन्हें तलाश करने पहुंची राजस्थान पुलिस खाली हाथ लौट गई थी। जिस तरह से चीजें तोगड़िया के खिलाफ जा रही हैं, उससे लगता है कि बीजेपी तोगड़िया को छोड़ने वाली नहीं है।’

मोदी ने कामकाज में हस्तक्षेप पर लगा दी थी रोक
बता दें, वर्ष 2002 में गुजरात के तत्कालीन सीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि तोगड़िया सरकार के कामकाज विशेषकर गृह विभाग के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। माना जाता है कि यहीं से दोनों के बीच संबंधों में दरार शुरू हुई। मोदी द्वारा साइडलाइन किए जाने से तोगड़िया ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब मोदी सरकार ने गांधीनगर में 200 मंदिरों को ढहा दिया और मोहम्मद अली जिन्ना पर लाल कृष्ण आडवाणी के बयान के बाद प्रदर्शन कर रहे वीएचपी कार्यकर्ताओं की पुलिस ने पिटाई कर दी। तोगड़िया ने मोदी के वर्ष 2011 में मुसलमानों के लिए ‘सद्भावना’ संदेश का मजाक उड़ाया और कहा कि उन्होंने छवि बदलने के लिए हिंदुत्व के अजेंडे का त्याग कर दिया है।

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