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पिछड़े समाज के लिए नजीर है प्रशांत पटेल की मेहनत ,पिता द्वारा बेची गई जमीन के बदले खड़ी कर दिया आई टी कम्पनी

इंदौर .अगर मजबूत इरादों और अटल विश्वास के साथ कोई काम किया जाए तो घरवाले भी साथ देने में नहीं हिचकते और फिर सफलता भी आपके कदम चूमती है. शायद यही वजह रही कि बेटे के सपने को पूरा करने के लिए पिता ने अपना सबकुछ न्यौक्षावर कर दिया. जिस खेती से परिवार का जीवन-यापन होता था वह बेटे प्रशांत पटेल की पढ़ाई के लिए बेचने में तनिक भी संकोच नहीं किया . बेटे ने भी पिता के इस बलिदान को व्यर्थ नहीं होने दिया बल्कि प्रशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर अपने बुलंद हौसले और सपने को पूरा करने हेतु महज 24 साल की उम्र में वर्ष 2013 में आईटी कम्पनी खोल लिया .

प्रशांत अपनी लगन ,सोच और सामाजिक सरोकार के बूते आज एक बड़ी आई टी कंपनी के कर्ताधर्ता बन 30 परिवारों का जीवन यापन कर रहे है . प्रशांत की आई टी कंपनी में 30 युवाओं की टीम काम कर रही है. कंपनी की दिन दुनी तर्रकी और अपनी सफलता को दिखाने हेतु उन्होंने गाव से अपने माता-पिता को इंदौर में ही बुला लिया है. इंदौर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्रशांत ने अपनी रणनीति का खुलासा प्रदेश सरकार के समक्ष किया जिस इरादे को सरकार ने भी खूब सराहा .

प्रशांत पटेल एक गरीब किसान परिवार में सिवनी जिले के छोटे से गांव बंघोड़ी के बालकराम पटेल के घर में जन्म लिया.बचपन से ही परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण स्कूल की पढ़ाई करने हेतु 5 वर्ष की उम्र में ही माता -पिता ने नाना के घर भेज दिया .बचपन से ही होनहार प्रशांत ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण चिंता करते हुए कुछ कर गुजरने का जज्बा मन में पाल साइकिल से 15 किलोमीटर दूर स्कूल जा कर अपनी 10 वी तक की पढाई सिवनी में पूरी किया .इसके बाद १२ वी की शिक्षा मैथस & साइन्स में छिन्दवाड़ा ज़िले के चौराई तहसील से की, फिर इंजिनियरिंग करने की इक्षा थी, परिवार की सालाना आय केवल 20 हजार रुपया होने के कारण चिंता बढ़ गई की अब पढाई आगे कैसे जारी रखा जाय ,उन्होंने बैंक से एजुकेशन लोन लेने का भी प्रयाश किया किन्तु बैंक ने लोन देने से मन कर दिया .बेटे की पढाई के प्रति दृढ़ इक्षा शक्ति देख पुत्र के मना करने के बावजूद पिता ने अपनी आजीविका का साधन खेती की ज़मीन बेच दिया .जमीन बेचने के बाद इंदौर के इंजिनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाया. घर के आर्थिक हालात देखते हुए इंजिनियरिंग के साथ ही साथ प्रशांत ने पार्ट टाइम नौकरी कर जेब खर्च निकालते हुए आई॰टी॰, मैनज्मेंट एंड मार्केटिंग की जानकारी हासिल किया.

 

इंजिनियरिंग की पढाई पूरी करने के पश्चात अपने सपने को जान देने व पिता के मंसूबो को पूरा करने का वीणा उठा लिया . प्रशांत ने नौकरी की बजाय सफल उद्यमी बन कर लोगो को नौकरी देने के उद्देश्य से अपने २ दोस्तों राहुल सिंह व शशी सिंह के साथ मिलकर 15 दिसम्बर 2013 को 30,000 रुपए की पूजी से खुद की क्रिएटो वेब आई टी सोलयूसंस नामक आई॰टी॰ कम्पनी की शुरूवात कर वेबसाइट, साफ्टवेयर,मोबाइल ऐप्लिकेशन बनाने व ऑनलाइन मार्केटिंग का काम प्रारंभ हुआ .कुछ साथियो के साथ खुली प्रशान्त की आई टी कंपनी ने जिले के अलावा प्रदेश में नाम कमाना प्रारभ कर दिया ,जिस कारण आज इस कम्पनी को बड़े समूहों से लगायत सरकारों का काम मिल रहा है ,प्रशांत के सहयोगी 30 साथियो की टीम पुरे जज्बे के साथ काम कर देश में एक अच्छा नाम बनाने हेतु दिन रात मेहनत कर रहे है .

आज इनकी कंपनी का टर्नओबर 60 लाख ज़्यादा का है . आज इस कम्पनी के पास कई सरकारी प्रोजेक्ट BSNL, DAVV, PRADHANMANTRI AWAS YOJNA APP, कई बड़े संस्थान PACE Inst, एवं Stellar जैसी 700 से ज्यादा बड़ी कपनियों को अपनी आई॰टी॰ की सेवाएँ दे रही है.

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट, CII, IMA, AKVN, IIT INDORE TEDx जैसे संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में कंपनी को सम्मान जनक स्थान मिला है . इनके तजुर्बे और सफलता के कारण ही हाल ही में बिना मैनेजमेंट डिग्री के इंदौर मैनेजमेंट एशोसिएशन के सबसे कम उम्र में इग्ज़ेक्युटिव मेम्बर भी बने है.

27 वर्षीय प्रशांत ने युवाओं को हमेशा टेक्नॉलाजी से जुड़े रहने की सलाह दी है. वह कहते हैं कि आईटी क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं. वेबसाइट डिजाइनिंग, एंड्रॉयड एप डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग के कोर्स करके बेहतर कॅरियर आसानी से बनाया जा सकता है.

सम्मान :

प्रशांत को तमाम संस्थाओ ने समय समय पर हौसलाअफजाई हेतु सम्मानित भी किया है -

  • Outcomes delivered, Indore संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सफल उद्यमी अवार्ड,
  • Young leaders Conclave, Jabalpur मे Young leader Award,
  • अपनी कंपनी के लिए MP's StartUp Excellence अवार्ड भी लिया.
  • आईआईटी & आईआईएम जेसी संस्था के साथ अंत्र्प्रिनोर्स एवं स्टार्टप के लिए i5
  • Summit , DAVV विश्वविध्यालय में स्टार्टप समिट आयोजन में सहयोग किया

सामाजिक सरोकार -

प्रशांत ने अपने  समाज की बेहतरी हेतु भी प्रयासरत है ,उनकी सोच है कि समाज के युवा वर्ग को एक अच्छी दिशा मिले ,समाज का हर यूवा एक सफल उधमी बन देश -प्रदेश में नाम कर सके .इस सोच को साकार करने हेतु प्रशांत मोबाइल एप के द्वारा हर वर्ग के यूवाओं के मार्ग दर्शन हेतु प्रयाशरत है ,उनकी योजना है कि उक्त एप के द्वरा विषय विशेषज्ञ द्वारा निशुल्क सलाह दिया जाय ताकि यूवा वर्ग अपनी रूचि अनुसार उधम की स्थापना कर सके .

प्रशांत पटेल अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय आई॰टी॰ प्रभारी भी  है.सामाजिक सोच के कारण ही हाल ही में प्रशांत की टीम द्वारा किसान समाज को व्यापार में मदद मिले इसलिए व्यापार पोर्टल www.kurmivyapar.com भी बनाया जिसे भारत सरकार की केंद्रीय मंत्री  अनुप्रिया पटेल  ने राँची से लॉंच किया . 2015 में समाज के लिए इंदौर इकाई से जुड़ कर प्रशांत की टीम ने www.kurmisamajindore.com  वेबसाइट बनाई एवं 26 जनवरी 2017 को समाज को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए अहम भूमिका निभाई और समाज को जोड़ने के लिए अब तक का सबसे सफल माध्यम Kurmi Samaj App बनाया.जिसमें पूरी दुनिया के किसान समाज के लोग एवं सामाजिक संगठन जुड सके, प्रशांत ने इस कदम से पूरे देश में नई पहचान बनाई है.

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